रायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा मंजूर कर लिया है। इसके लिए 27 जुलाई यानी मानसून सत्र के अंतिम दिन का समय तय किया गया है। अविश्वास प्रस्ताव पर दोनों पक्षों को सुनने के बार विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर चर्चा के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
विधानसभा में प्रश्नकाल में विपक्ष ने कांग्रेस विधायक छन्नी साहू के पंचायत विभाग के सवाल पर हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा विधायकों ने कहा कि मंत्री का इस्तीफा हो गया है, फिर कोई दूसरा मंत्री जवाब कैसे दे सकता है। किसने अधिकृत किया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया है, विभाग छोड़ने का पत्र लिखा है। सिंहदेव ने ही मंत्री अकबर को जवाब के लिए अधिकृत किया है। मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि महाराज साहब की चिठ्ठी में इस्तीफा शब्द नहीं है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि एक तरफ विभाग से पृथक होने का पत्र लिखते हैं, दूसरी तरफ मंत्री को अधिकृत करते हैं।
प्रश्नकाल में विधानसभा अध्यक्ष डा चरणदास महंत की नाराजगी उस समय देखने को मिली, जब नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के सवाल का जवाब नहीं आया। कौशिक ने जैम पोर्टल से खरीदी को लेकर सवाल किया था। मंत्री की तरफ से जानकारी दी गई कि जानकारी एकत्र की जा रही है। कौशिक ने कहा कि 21-22 दिन पहले सवाल लगाया गया।इतने दिन तक विभाग के अधिकारी क्या कर रहे थे। यह भ्रष्टाचार का मामला है, इसलिए जवाब नहीं दिया जा रहा है। यह करप्शन का छत्तीसगढ़ माडल है। कौशिक ने अध्यक्ष से संरक्षण मांगते हुए आसंदी से निर्देश का आग्रह किया। अध्यक्ष ने नाराजगी भरे लहजे में कहा कि इसका जवाब आना चाहिए। उन्होंने आधे घंटे की चर्चा स्वीकृत की।

