रायगढ़ / शहर के नटवर स्कूल स्थित स्वामी आत्मानन्द स्कूल में गुब्बारे में हवा भरने वाला गैस सिलिंडर ब्लास्ट हो गया। हादसे में एक मजदूर का पैर शरीर से अलग हो गया है। घायल मजदूर को इलाज के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। वहां से रायपुर रेफर कर दिया गया।
नटवर स्कूल मैदान में अग्रसेन सेवा समिति द्वारा विभिन्न प्रोग्रामों का आयोजन किया जा रहा है। सजावट के लिए गुब्बारे लगाए जा रहे थे। गुब्बारे फुलाने का काम मजदूर स्कूल प्रांगण में कर रहे थे। गुब्बारा फुलाने के दौरान गैस सिलिंडर में ब्लास्ट हो गया। इसे एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ है। ब्लास्ट के कारण मजदूर का एक पैर घुटने के नीचे से कटकर पूरी तरह से अलग हो गया है। वहीं, स्कूल के कमरे व दर्भर भर खिड़कियों में लगाया गया कांच टूट गया। घायल मजदूर की पहचान सुनील पटेल निवासी बेहरापाली के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस व दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। जहां घायल मजदूर को इलाज के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया। जहां मजदूर का इलाज किया गया। उसकी हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया।
घटना को कलेक्टर रानू साहू ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने तत्काल मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। एसडीएम रायगढ़, खाद्य अधिकारी और जिला शिक्षाधिकारी को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रशसनिक स्तर पर बताया गया कि स्कूल के सभी बच्चे सुरक्षित हैं। हादसे की वजह अब तक अज्ञात है। घटना अग्रसेन जयंती शुभारंभ को लेकर हो रही तैयारी के बीच हुई। ऐसे में अग्रसेन सेवा संघ ने घायल को आर्थिक मदद के रूप में पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है।स्कूल मैदान में कार्यक्रम आयोजन के लिए अनुमति दी गई थी। अनुमति एसडीएम के द्वारा मिली थी। स्कूल संचालित था। कार्यक्रम के तैयारी दौरान सिलिंडर ब्लास्ट होने की घटना हुई है। लेकिन अच्छी बात यह रही कि स्कूल का कोई बच्चा या स्टाफ घटना में हताहत नहीं हुआ है। एक मजदूर की घायल होने के सूचना मिली है, सभी बच्चे सुरक्षित हैं व सभी को स्कूल से बाहर निकाल लिया गया है।
हादसे की खबर कुछ ही देर में इंटरनेट मीडिया पर फैल गई। इसकी जानकारी होने पर छात्रों के स्वजन आनन-फानन में स्कूल पहुंच गए। स्कूल के शिक्षक व अन्य कर्मचारी जवाब देने के बजाय बचते रहे। देखते ही देखते हो हल्ला हंगामा होने लगा। किसी तरह जब स्वजन को इसकी जानकारी लगी कि कोई भी बच्चा प्रभावित नहीं हुआ है। तब सभी पालक ने राहत महसूस की।
