कोरबा / छत्तीसगढ़ की ऊर्जा नगरी कोरबा में संचालित C-mart लगातार नित नए आयाम छू रहा है, कोरबा में संचालित C-mart में जहां एक और स्व सहायता समूह की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
तो वहीं जीवन को नई दिशा देने के लिए मजबूत कर रहा है। C-mart के भीतर आदिवासी अंचल की ये महिलाएं तमाम तरह के प्रयोग के साथ-साथ नए नए आईडिया पर काम कर रही है।
ये महिलाएं ऐसी चीज बना रही है जो मार्केट में अच्छे दामों पर हाथों-हाथ बिक रही है।

कोरबा में संचालित C-mart के संचालक और वहां पर काम कर रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि यहां बहुत कुछ सीखने को मिलता है यहा का पारिवारिक माहौल काम करने की प्रेरणा देता है, ऐसा प्रतीत होता है की जैसे परिवार के सदस्यों के साथ काम कर रहे हो।
यहां के संचालन करता से हमें पारिवारिक माहौल के साथ-साथ परिवार के बड़े सदस्यो की तरह नए नए सुझाव भी मिलते है, कोरबा में संचालित C-mart की महिलाएं स्वावलंबी हो रही है
जहां एक और आयोजनों में हिस्सा लेकर C-mart को गति दे रही है तो वहीं स्वयं को भी स्वालंबी बना रही है।
इसी तारतम्य में कोरबा में संचालित C-mart पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बनाई गई गाइडलाइन का पालन करते हुए उसका संचालन किया जा रहा है मौजूदा स्थिति में मौजूदा सरकार की तरफ से कोई भी दिशा निर्देश नहीं आया है इस कारण पूर्ववर्ती सरकार की तरफ से जो आदेश एवं गाइडलाइन बनाई गई थी उसका पूर्णता पालन कर C-mart का संचालन किया जा रहा है भविष्य में C-mart इन महिलाओं के साथ ऐसे ही कंधे से कंधा मिलाकर चलता रहेगा।
