Advertisement Carousel

धान खरीदी पर सियासी घमासान, भाजपा-कांग्रेस में श्रेय लेने की होड़


रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनावी माहौल के बीच धान खरीदी का मुद्दा गर्मा गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पोस्ट कर किसानों से किए गए वादों को याद दिलाया, तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान मूल्य वृद्धि का श्रेय कांग्रेस को दिया।

31 जनवरी को धान खरीदी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद राज्य सरकार ने नया रिकॉर्ड बनाया। मुख्यमंत्री साय ने किसानों को समर्थन मूल्य से अतिरिक्त राशि देने के वादे की बात दोहराई। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने किसानों को ₹2850 प्रति क्विंटल धान का मूल्य दिया था, जिससे भाजपा को ₹3100 प्रति क्विंटल देना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की सरकार बनती तो किसानों को ₹3217 प्रति क्विंटल मिलता।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में घोटाले हुए, और अब उन्हीं का श्रेय लेने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि 2003 से पहले किसानों की अनदेखी होती थी और उनका धान रिजेक्ट कर दिया जाता था। भाजपा सरकार ने सुव्यवस्थित धान खरीदी की शुरुआत की और किसानों को समर्थन मूल्य के अलावा अतिरिक्त राशि देने की योजना लागू की।

प्रतिक्रियाएं

विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री: किसानों से किया गया वादा निभाएंगे, अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।

अरुण साव, उपमुख्यमंत्री: कांग्रेस को उनके कार्यकाल में हुए घोटालों का भी श्रेय लेना चाहिए।

भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री: किसानों को अधिक लाभ कांग्रेस सरकार में मिला, भाजपा हमारी नीतियों की नकल कर रही है।

धान खरीदी को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही किसानों को साधने की कोशिश कर रही हैं। अब देखना होगा कि चुनाव में जनता किस पर भरोसा जताती है।

error: Content is protected !!