रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान महतारी वंदन योजना की राशि को लेकर बड़ा हंगामा हुआ। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सरकार से पूछा कि योजना के तहत हितग्राहियों की संख्या में कमी क्यों आई और क्या साठ साल से अधिक उम्र की महिलाओं को पूरा लाभ मिल रहा है? इस पर मंत्री ने बताया कि 70.27 लाख आवेदन आए थे, लेकिन वर्तमान में 69.63 लाख हितग्राही हैं। कुछ लोगों की मृत्यु हुई, कुछ ने लाभ छोड़ दिया और बस्तर में फर्जीवाड़े का मामला भी सामने आया, जिस पर कार्रवाई की गई।
उमेश पटेल ने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने चुनावी वादे के अनुसार कोई नया क्राइटेरिया बनाया है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने साठ साल से अधिक उम्र की महिलाओं को अंतर की राशि के तौर पर ₹1,000 के बजाय केवल ₹500 ही दिए, जो एक तरह से धोखा है।
मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि पिछली सरकार भी माताओं को ₹500 और विधवाओं को ₹1,000 देने की बात कह रही थी, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। इस पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए कहा कि सवाल वर्तमान सरकार के फैसलों पर है, न कि पिछली सरकार पर।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल में महिलाओं को ठगा, वे अब सवाल खड़े कर रहे हैं। इस बयान के बाद सदन में हंगामा तेज हो गया और कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर दिया।
