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निःशुल्क ग्रीष्मकालीन सांस्कृतिक शिविर ‘आदित्यान्वेषण’ का भव्य समापन, बच्चों की प्रतिभा ने मोहा मन


रायपुर। 15 जून 2025।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन सांस्कृतिक प्रशिक्षण शिविर ‘आदित्यान्वेषण’ का समापन समारोह बीएमवाई रेलवे स्कूल के मुक्ताकाशी मंच में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी आदित्य कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राहुल गर्ग एवं उनकी धर्मपत्नी अनुप्रिया राहुल गर्ग मौजूद थीं।

शिविर का आयोजन रेलवे इंस्टीट्यूट बीएमवाई और रेलवे मिश्रित हायर सेकेण्डरी स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में 26 मई से 6 जून तक किया गया था। इस नि:शुल्क प्रशिक्षण शिविर में कुल 90 बच्चों ने नाट्य, नृत्य, संगीत, चित्रकला सहित विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। स्वागत भाषण में राहुल गर्ग ने शिविर के नाम ‘आदित्यान्वेषण’ का अर्थ बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम उगते सूर्य समान प्रतिभाओं को निखारने का माध्यम है। वहीं मुख्य अतिथि आदित्य कुमार ने कहा कि वर्तमान दौर में बच्चे मोबाइल पर अधिक समय व्यर्थ करते हैं, ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम बच्चों को डिजिटल लत से मुक्त कर सृजनात्मकता की ओर अग्रसर करते हैं।

बाल प्रतिभाओं ने मंच पर बिखेरी सांस्कृतिक छटा
समापन समारोह में प्रशिक्षुओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रशिक्षुओं द्वारा स्वयं लिखित व निर्देशित नाटक ‘बूढ़ी काकी’, ‘सरपंच कप क्रिकेट लीग’ और ‘पालन पोषण’ का मंचन हुआ। वहीं समूह गीत ‘तू जिंदा है’ एवं छत्तीसगढ़ के लोक नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

कार्यक्रम का सम्पूर्ण निर्देशन और परिकल्पना कला साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष शक्ति चक्रवर्ती एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के सहयोग से हुई। प्रशिक्षकों की टीम में मणिमय मुखर्जी, पी.पी. विश्वास (बबलू), गौतम शील, बरूण चक्रवर्ती, पार्थो चक्रवर्ती, साई चक्रवर्ती, सारथी चक्रवर्ती, गौतमी चक्रवर्ती, आरती नगरारे (बाली), समीर चक्रवर्ती, सुचिता मुखर्जी, रूद्र प्रसन्न जेना, केसरी बाग एवं डिलेश्वरी शामिल रहे।

इस अवसर पर मंडल समन्वयक डी. विजय कुमार, प्राचार्या डी. लक्ष्मी सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। समापन पर प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र व प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के सफल संचालन में फरीदी निसार अहमद, नेमानी हेमा, बी.डी. प्रसाद, बलवंत शर्मा, राबर्ट जोसेफ, अतनु मुखर्जी, केसरी बाग, चंदन कुमार, पी. बाबूराव, राजीव बिलैय्या, कुणाल चंद्रा, जितेन्द्र कुमार, प्रीति राजवैद्य, डॉ. सोनिया पटवा, वाई.एल. ओरासे, एस.बी. पाल सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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