रायपुर, 28 अगस्त।
प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर “फूफा प्रकोष्ठ” को लेकर सियासत गरमा गई है। मंत्री मंडल विस्तार और बीजेपी की नई कार्यकारिणी गठित होने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं पर निशाना साधते हुए तंज कसा कि अब पार्टी को “फूफा प्रकोष्ठ” भी बना लेना चाहिए। इस बयान के बाद सियासी माहौल गरम हो गया है और बीजेपी ने भी पलटवार किया है।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि नए मंत्रिमंडल में वरिष्ठ विधायकों की उपेक्षा की गई है, जिससे नाराज़ नेताओं की “फूफा फौज” खड़ी हो गई है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “फूफा मोर्चा” के अध्यक्ष अजय चंद्राकर हैं और बीजेपी नेताओं का नया नारा है – “ए दरी साहिबों… अगले बार बदलबो।”
वहीं कांग्रेस के इस तंज पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी चिंता करनी चाहिए। बीजेपी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है जहाँ सभी नेता परिवार की तरह मिलकर काम करते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर होड़ है, विधायक दिल्ली तक ले जाए जाते हैं और पार्टी के भीतर शीत युद्ध जारी है।
फिलहाल, “फूफा प्रकोष्ठ” को लेकर सियासत ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस जहाँ बीजेपी पर वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को निशाना बना रही है।
