राहत शिविरों का निरीक्षण, हर परिवार तक मदद पहुँचाने पर जोर — प्रशासन की तत्परता की तारीफ, पूनम को मिला नया टेबलेट
रायपुर, 1 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई एवं जमीनी निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से भेंट की और अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर पीड़ित परिवार तक समय पर सहायता पहुँचाना है।
मुख्यमंत्री श्री साय दंतेवाड़ा जिले के चूड़ीटिकरापारा राहत शिविर पहुँचे। यहाँ उन्होंने पीड़ितों से बातचीत की और उनकी समस्याएँ सुनीं। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित आवास और स्वास्थ्य सेवाएँ लगातार उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि मकान ढहने वालों को सहायता राशि तुरंत दी जाए और जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें मरम्मत अथवा नये निर्माण हेतु मदद पहुँचाई जाए।
प्रशासन की तत्परता पर जताया आभार
बाढ़ प्रभावितों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें राहत शिविरों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। गुप्तेश्वरी कश्यप, शालिनी शर्मा, सविता पात्रे और लता सागर ने कहा कि उन्हें राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर और चूल्हा उपलब्ध कराया गया है। मकान ढहने पर सहायता राशि भी मिल चुकी है। प्रभावितों ने प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित मदद के लिए मुख्यमंत्री के सामने आभार व्यक्त किया।
इस दौरान चूड़ीटिकरापारा निवासी सोमड़ी सोढ़ी मुख्यमंत्री से मिलते समय भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि बाढ़ में उनका पूरा घर डूब गया था, लेकिन प्रशासन ने समय पर राहत दी और अब राहत शिविर में नाश्ता, भोजन और इलाज की सुविधाएँ मिल रही हैं। इसी तरह सुरेश बघेल सहित अन्य ग्रामीणों ने भी प्रशासन की सक्रियता को सराहा।
स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों और मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और जलजनित रोगों की रोकथाम की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित गाँवों और वार्डों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और पेयजल का अनिवार्य रूप से क्लोरीनेशन कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल होनी चाहिए।
पूनम की तैयारी में फिर जुड़ी रफ्तार
बाढ़ प्रभावितों में दंतेवाड़ा की पूनम पटेल की कहानी ने भी मुख्यमंत्री का ध्यान खींचा। पूनम पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। बाढ़ में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया और पुस्तकें व टेबलेट बह गए, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो गई थी। मुख्यमंत्री की पहल पर जिला प्रशासन ने पूनम को नया टेबलेट और आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई हैं। पूनम ने कहा कि अब वे अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी फिर से निर्बाध जारी रख सकेंगी।
“हर पीड़ित परिवार तक पहुँचे मदद”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, लेकिन जनसहयोग और प्रशासनिक तत्परता से इन कठिनाइयों का समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
