कवर्धा सदन प्रकरण : फरार कैदी मामले पर भाजपा का पलटवार
रायपुर। कवर्धा सदन मामले में जेल से फरार हुए कैदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उठाए गए सवालों पर भाजपा नेता उज्ज्वल दीपक ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने बघेल के आरोपों को “बेतुका और जनता को गुमराह करने वाला” बताते हुए कहा कि यह पूरा प्रकरण तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास है।
उज्ज्वल दीपक ने जेल मैन्युअल का हवाला देते हुए कहा कि नियम 654 के अनुसार कैदियों को श्रम कार्य के लिए जेल परिसर या दीवार के बाहर भेजा जाता है, इसके लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि “भूपेश बघेल के कार्यकाल 1 जनवरी 2023 से 30 नवम्बर 2023 तक रायपुर सेन्ट्रल जेल से 14,382 बार कैदियों को बाहर श्रम कार्य हेतु भेजा गया था। ऐसे में आज इस पर सवाल उठाना केवल जनता को गुमराह करना है।”
भाजपा नेता ने बताया कि फरार हुआ कैदी चन्द्रवीर रायपुर जेल परिसर में क्षतिग्रस्त गेट की वेल्डिंग के दौरान मौके से भागा था। उसके विरुद्ध 21 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस घटना की जानकारी अगले ही दिन अखबारों में प्रकाशित की गई थी। इसके साथ ही जेल प्रहरी मनीष राजवाड़े और लोहार प्रशिक्षक बिसुन देव ठाकुर को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
भूपेश बघेल पर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए उज्ज्वल दीपक ने कहा कि “पूरा मामला दरअसल आपके पुत्र चैतन्य बघेल को जेल में विशेष सुविधाएं दिलाने की खीझ का परिणाम है। आप बार-बार नियम विरुद्ध तरीके से दबाव डालते रहे हैं, जिसे जेल प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया।”
उन्होंने कांग्रेस शासनकाल को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि उस समय जेलों से ही सूर्यकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया और अनवर ढेबर जैसे लोग सरकार चलाते थे। जबकि भाजपा शासनकाल में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन है और ऐसी नापाक मंशाएं पूरी नहीं हो सकतीं।
दीपक ने अपने बयान का समापन करते हुए कहा – “दरअसल यह ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ वाली स्थिति है।
