“पेट्रोल पम्प संचालकों के कंधे पर रख सरकार चला रही बंदूक”
रायपुर। प्रदेश में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं दिए जाने के नियम को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ट्रैफिक पुलिस का काम पेट्रोल पंप संचालकों से करवाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है।
उपाध्याय ने कहा कि “बीजेपी की साय सरकार पेट्रोल पंप संचालकों के कंधे पर बंदूक रख काम कर रही है। यह पूरा नियम हेलमेट कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए लागू किया गया है। पंपों के पास दलाल सक्रिय हैं और 10 रुपए किराए पर हेलमेट उपलब्ध कराकर ग्राहकों से पैसा कमा रहे हैं।”
उन्होंने सवाल उठाया कि जब मोटर व्हीकल एक्ट साफ कहता है कि नियम लागू करवाना पुलिस का काम है तो फिर पंप संचालकों पर यह जिम्मेदारी क्यों थोपी जा रही है? “पेट्रोल एक अनिवार्य सेवा है, न कि ट्रैफिक थाना। उपभोक्ता पैसा देता है तो ईंधन उसका अधिकार है। यह नियम जनता के अधिकारों का हनन है,” उपाध्याय ने कहा।
कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि लोग इस नियम को तोड़ने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। कोई हेलमेट हाथ में पकड़कर आ रहा है तो कोई सीट पर रखकर पेट्रोल भरवा रहा है। ऐसे में सड़क सुरक्षा की बजाय नियम की धज्जियां उड़ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि साय सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया का कोई लिखित आदेश तक जारी नहीं किया है, फिर भी पंपों में यह लागू हो रहा है। “मौन स्वीकृति ही सबसे बड़ा आदेश है। यह सरकार की नाकामी और पल्ला झाड़ने की कला है,” उपाध्याय ने कहा।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि अगर सरकार को सचमुच सुरक्षा की इतनी चिंता है तो फिर यह नियम सिर्फ बाइक सवारों पर ही क्यों लागू किया जा रहा है? “क्यों न सभी वाहनों पर कड़ाई से लागू किया जाए?”
उपाध्याय ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इस फरमान को वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस मध्यम वर्गीय बाइक सवारों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
