रायपुर।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। राहुल गांधी ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है और यह काम सॉफ्टवेयर के जरिए केंद्रीकृत तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने कहा— “यह हाइड्रोजन बम नहीं है, हाइड्रोजन बम आने वाला है।”
राहुल गांधी ने कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां 6,018 वोट हटाने की कोशिश पकड़ी गई। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे उन लोगों को बचा रहे हैं जिन्होंने लोकतंत्र को नष्ट कर वोट चोरी की है।
राहुल गांधी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस ने प्रदेश में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान का आगाज़ कर दिया है। तीन दिन चली वोटर अधिकार रैली का समापन भिलाई में हुआ। इस रैली में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि वोट चोरी का मुद्दा अब घर-घर पहुंचाया जाएगा।
कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा – “कांग्रेस पूरे प्रदेश में वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान चला रही है। राहुल गांधी जी के सवाल का जवाब न बीजेपी के पास है और न ही चुनाव आयोग के पास है।”
इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने लंबे शासनकाल में जनता का विश्वास खो चुकी है और आज मुद्दा विहीन हो चुकी है। हालांकि, कांग्रेस ने तंज कसा कि मुख्यमंत्री तक वोट चोरी के सवाल पर साफ जवाब देने से बचते हैं।
वहीं, बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी को “मंदबुद्धि बालक” कहते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा – “जो नेता आलू से सोना बनाने की बात कर सकता है, वह कुछ भी बोल सकता है। यह मंदबुद्धि बालक सबको डुबाएगा और कांग्रेस का बचा-खुचा भी स्वाहा हो जाएगा।”
कुल मिलाकर, राहुल गांधी के आरोपों और कांग्रेस की रैली से छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ नारा जनता के बीच कितना असर दिखा पाता है।
