रायपुर | 10 दिसम्बर 2025
छत्तीसगढ़ में आज कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर हलचल तेज रही। विभिन्न जिलों में पुलिस और जनता के बीच तनाव, SIR गणना पत्रक की प्रक्रिया, विधानसभा के शीत सत्र में विज़न 2047 पर चर्चा और धर्मांतरण कानून को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। इन सभी मुद्दों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सीधा हमला बोला।
पुलिस–जनता आमने-सामने, सरकार पर बढ़ा दबाव
प्रदेश के कई जिलों में पुलिस और आम जनता आमने-सामने दिखाई दी। इस स्थिति पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार से इस समय हर वर्ग नाराज़ है। उन्होंने कहा कि युवा, महिला और आदिवासी सभी समुदायों में आक्रोश है, जिसके कारण विभिन्न जिलों में लोगों का गुस्सा फूट रहा है। बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
SIR गणना पत्रक का अंतिम दिन, बघेल का BJP पर तंज
SIR यानी स्टेट आइडेंटिफिकेशन रजिस्टर के गणना पत्रक भरने का कल अंतिम दिन है। इस प्रक्रिया को लेकर भी बघेल ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ गणना पत्रक भरे जा रहे हैं, जब सूची आएगी तब पता चलेगा कि कौन-कौन इससे प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि बीजेपी लंबे समय से बांग्लादेशी और पाकिस्तानी लोगों का मुद्दा उठाती रही है, लेकिन सूची आने पर ही वास्तविकता सामने आएगी।
विधानसभा शीत सत्र में ‘विजन 2047’ पर चर्चा को बताया ढकोसला
विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत ‘विजन 2047’ पर चर्चा से हुई, जिस पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की प्रक्रिया प्रभावित है और किसान परेशान हैं। प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत बेहद खराब है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी नियंत्रण में नहीं है। ऐसे में बघेल ने 2047 के विज़न पर चर्चा को महज़ दिखावा बताते हुए कहा कि सरकार वर्तमान समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
शिक्षकों को कुत्तों के बाद अब सांप-बिच्छू भगाने का आदेश
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी आदेश में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अब आवारा कुत्तों के साथ सांप और बिच्छू भगाने की जिम्मेदारी भी दे दी गई है। DPI ने इस आदेश के पीछे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया है। वहीं शिक्षक संघ ने इस आदेश का विरोध करते हुए कहा है कि सांप और बिच्छू से शिक्षक को भी खतरा है और ऐसा निर्देश व्यवहारिक नहीं है। इस आदेश ने शिक्षकों में असंतोष पैदा कर दिया है।
धर्मांतरण विधेयक पर सरकार से जवाब की मांग
राज्य सरकार द्वारा धर्मांतरण पर नए कानून की तैयारी को लेकर भी बघेल ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि विधानसभा में पारित किए गए धर्मांतरण विधेयक का क्या हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि वह विधेयक राजभवन में लंबित है या राष्ट्रपति भवन में। बघेल ने कहा कि सरकार सिर्फ घोषणाओं पर चल रही है और जमीन पर काम नहीं कर रही।
छत्तीसगढ़ में इन सभी मुद्दों को लेकर सियासी गर्मी बढ़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लगातार हमलों ने राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।
