रायपुर, 1 फरवरी 2026।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय बजट 2026 को आम जनता की उम्मीदों के विपरीत बताते हुए इसे दिशाहीन और उद्देश्यहीन करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अजय गंगवानी ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा 85 मिनट तक प्रस्तुत किया गया बजट पूरी तरह खोखला साबित हुआ है।
उन्होंने कहा कि देश इस समय महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। आम जनता, किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा वर्ग को इस बजट से राहत की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने कर राहत, रोजगार सृजन और महंगाई नियंत्रण को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की।
अजय गंगवानी ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि यह सरकार का नीति दस्तावेज होता है। यह बताता है कि आने वाले वर्ष में सरकार किस दिशा में काम करेगी, लेकिन यह बजट बिना रोडमैप का और लक्ष्यहीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट “विकसित भारत” के बजाय कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल जैसे चुनावी राज्यों के लिए योजनाओं और पैकेज की घोषणाएं की गईं, लेकिन छत्तीसगढ़ को फिर एक बार नजरअंदाज किया गया। भाजपा के 10 सांसद और केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद राज्य को कोई विशेष योजना या पैकेज नहीं मिला, जिससे डबल इंजन सरकार का दावा खोखला साबित हुआ है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि देश की 86 प्रतिशत जनता आयकर छूट की सीमा 2.50 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने की मांग कर रही थी, लेकिन सरकार पिछले 12 वर्षों में सीमा में एक रुपया भी बढ़ाने को तैयार नहीं हुई, जबकि महंगाई दोगुने से भी अधिक हो चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट में किसानों को एमएसपी की गारंटी नहीं दी गई और न ही बेरोजगारी व महंगाई से निपटने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। उन्होंने रुपये की गिरती कीमत का हवाला देते हुए कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपया 92 तक पहुंच गया है और केवल इस वर्ष में 6.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।
अजय गंगवानी ने कहा कि यह बजट देश के उज्ज्वल भविष्य के बजाय राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वार्थों को साधने की कवायद है।
