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संसद में गूँजी छत्तीसगढ़ की प्यास: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया ‘हर घर जल’ का मुद्दा


बस्तर से सरगुजा तक बहती उम्मीद की धारा, 41 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल-जल


महिलाओं को राहत, बच्चों को समय, गाँवों को विकास – छत्तीसगढ़ में ‘हर घर जल’ बनी सामाजिक क्रांति: बृजमोहन अग्रवाल


रायपुर/नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ सांसद एवं जनप्रिय नेता बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को लोकसभा में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने वाली ‘हर घर जल’ योजना का मुद्दा मजबूती से उठाया। उन्होंने न केवल योजना की प्रगति पर सरकार से जवाब माँगा, बल्कि दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में जल आपूर्ति की स्थिरता और संचालन लागत जैसे व्यावहारिक विषयों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया।


छत्तीसगढ़ में विकास की बयार: 41 लाख से अधिक परिवारों तक पहुँचा नल-जल
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल के प्रश्न के उत्तर में जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमण्णा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘जल जीवन मिशन’ देशभर में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।


जनवरी 2026 तक देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.79 करोड़ परिवारों को नल से जल की सीधी आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है, जो लगभग 82 प्रतिशत से अधिक है।


छत्तीसगढ़ के कुल 49.97 लाख ग्रामीण परिवारों में से अब तक 41.01 लाख से अधिक परिवारों को उनके घर पर ही नल का कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है। यह उपलब्धि प्रदेश में बेहतर जीवन स्तर और महिलाओं को पानी भरने की मशक्कत से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक बड़ी सामाजिक क्रांति है।


स्थायित्व पर जोर: सिर्फ कनेक्शन नहीं, निरंतर जल आपूर्ति लक्ष्य
श्री अग्रवाल ने योजना के तहत केवल कनेक्शन देने तक सीमित न रहकर, उनकी दीर्घकालिक कार्यक्षमता (Sustainability) सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।


उनके हस्तक्षेप के बाद मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि—
योजनाओं की निगरानी के लिए जियो-टैगिंग, तृतीय-पक्ष निरीक्षण और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल जैसे आधुनिक टूल्स का उपयोग किया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) को संचालन के लिए सशक्त बनाया जा रहा है।


15वें वित्त आयोग के सशर्त अनुदान का उपयोग अब पंपों की मरम्मत और बिजली बिलों के भुगतान के लिए किया जा सकेगा, जिससे पंचायतों पर वित्तीय बोझ कम होगा।


वनवासी और दूरस्थ अंचलों के लिए सौर ऊर्जा समाधान
छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए श्री अग्रवाल ने बिजली की समस्या और उच्च लागत का मुद्दा उठाया।


इस पर सरकार ने आश्वस्त किया कि इन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित स्टैंड-अलोन जल आपूर्ति प्रणालियों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि बिजली पर निर्भरता कम हो और जनजातीय परिवारों को निर्बाध जल आपूर्ति मिलती रहे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा—
“हमारा लक्ष्य केवल पाइप बिछाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक हर घर में शुद्ध पेयजल की धारा निरंतर बहती रहे। मोदी सरकार की यह प्रतिबद्धता छत्तीसगढ़ के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि ‘हर घर जल’ योजना केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों का बड़ा समय दूर-दराज से पानी ढोने में बीत जाता था, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब घर में नल आने से बच्चों को स्कूल जाने और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल रहा है, जो छत्तीसगढ़ के भविष्य को संवार रहा है।


परिवार की महिलाएं, जो पहले मीलों पैदल चलकर पानी लाने को मजबूर थीं, अब उस कठिन श्रम से मुक्त हुई हैं। इस बचे हुए समय का उपयोग वे अपने कौशल विकास, बच्चों की परवरिश और आर्थिक गतिविधियों में कर पा रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।

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