Advertisement Carousel

विधानसभा में आयुष्मान योजना पर घिरे स्वास्थ्य मंत्री, सत्ता-विपक्ष के विधायकों ने उठाए सवाल


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल विपक्ष ही नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के विधायकों के भी निशाने पर आ गए। योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंचने और निजी अस्पतालों में इलाज नहीं मिलने का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा।


ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए कांग्रेस विधायक कविता प्राण लहरे ने कहा कि प्रदेश में कई निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का समुचित इलाज नहीं कर रहे हैं। गंभीर बीमारियों के उपचार में भी मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।


इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष के वरिष्ठ विधायक भी सरकार से जवाब मांगते नजर आए। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और अमर अग्रवाल ने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील और जनहित से जुड़ा मामला है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण योजना है, इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए और सभी कार्डधारकों को इसका पूरा लाभ मिलना चाहिए।


सदन में चर्चा के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज को लेकर वे स्वास्थ्य विभाग को सात बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं विधायक आशाराम नेताम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग इस गंभीर मुद्दे को लेकर पर्याप्त संवेदनशील नहीं है।


वहीं जब स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि इस पर घोषणा की आवश्यकता नहीं है और इसके लिए नियम-निर्देशों की जरूरत पड़ती है, तो सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर भड़क उठे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निजी अस्पतालों के लिए घोषणा नहीं कर सकती तो इसके नियम-कायदे सदन के पटल पर रखे जाने चाहिए।


सदन में बढ़ती बहस के बीच आसंदी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्य आयुष्मान योजना के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर चिंतित हैं, इसलिए सरकार को इस पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।


अंत में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि सभी सदस्यों ने इस महत्वपूर्ण विषय पर ध्यान आकृष्ट कराया है। विभाग आगामी एक सप्ताह के भीतर समीक्षा करेगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिक से अधिक अस्पतालों में आयुष्मान योजना का लाभ मरीजों को मिल सके।

error: Content is protected !!