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बीजापुर के पोटा केबिन छात्रावास में तीन नाबालिग छात्राएं गर्भवती, विधानसभा में हंगामा

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भूपेश बघेल ने लाया काम रोको प्रस्ताव, सरकार पर लीपापोती का आरोप; निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन सोमवार को बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित पोटा केबिन हाई स्कूल छात्रावास में पढ़ने वाली तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का गंभीर मामला सदन में गूंजा। इस मुद्दे पर विपक्ष ने काम रोको (स्थगन) प्रस्ताव लाते हुए सरकार से तत्काल चर्चा कराने की मांग की।


पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने सदन में मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि बीजापुर के गंगालूर स्थित पोटा केबिन में अध्ययनरत तीन आदिवासी नाबालिग छात्राएं गर्भवती पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना है, जो शासकीय छात्रावासों में छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।


बघेल ने आरोप लगाया कि घटना सामने आने के बाद सरकार और प्रशासन द्वारा मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। छात्राओं के गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें छात्रावास से घर भेज दिया गया और सफाई में बताया जा रहा है कि छात्राएं छात्रावास से अनुपस्थित हैं।
उन्होंने कहा कि छात्राओं के अस्पताल में ममता कार्ड भी बनाए गए हैं, जिससे उनके गर्भवती होने की पुष्टि होती है। इसके बावजूद दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के बजाय मामले में लीपापोती की जा रही है।


विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि अनुसूचित क्षेत्र में संचालित छात्रावासों में पढ़ने वाली आदिवासी छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है। ऐसी घटनाएं सरकार की लापरवाही और निगरानी की कमी को उजागर करती हैं।


कांग्रेस ने मांग की कि तीनों मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और मामले को दबाने या दोषियों को बचाने की कोशिश करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए।


इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के सभी सदस्यों ने सदन में चर्चा कराने की मांग की, जिससे कुछ समय के लिए सदन का माहौल भी गरमा गया।

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