रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12वीं कक्षा के हिंदी विषय के कथित पेपर लीक को लेकर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए हस्तलिखित प्रश्नपत्र को लेकर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पुलिस से शिकायत की है। मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने डीसीपी सेंट्रल से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों की टीम जांच में जुट गई है।
अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में एक हस्तलिखित पर्चा वायरल हुआ है, जिसमें 12वीं के हिंदी प्रश्नपत्र के सवाल होने का दावा किया गया है। हालांकि पर्चा स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं है, इसलिए पुलिस और साइबर सेल इसकी तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि पर्चा असली है या नहीं।
मामले को लेकर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 12वीं का हिंदी पेपर लीक हुआ है और कुछ छात्रों को फायदा पहुंचाने के लिए इसे बाहर किया गया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
वहीं शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पेपर लीक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कहीं भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। उनका कहना है कि कुछ छात्र संगठनों द्वारा आधी रात को कुछ सवाल व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल किए गए हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इधर पेपर लीक के विरोध में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता मंडल कार्यालय पहुंचे और पेपर लीक की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल वायरल पर्चे और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रहे हैं।
