Advertisement Carousel

शिक्षकों की भूमिका से ही बच्चों का बेहतर भविष्य संभव: डॉ. वर्णिका शर्मा


रायपुर, 8 अप्रैल। महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में बुधवार को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा “मोर मयारू गुरुजी” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों का चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। शिक्षकों का दायित्व है कि वे बच्चों को सही दिशा दें और उनके व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने दायित्व को यज्ञ के समान समझकर निभाएं, क्योंकि राष्ट्र का भविष्य बच्चों के चरित्र पर ही निर्भर करता है, जिसे शिक्षक गढ़ते हैं।


कार्यक्रम में आयोग के सचिव प्रतीक खरे ने बच्चों के अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चे 80 प्रतिशत बातें अवलोकन से और 20 प्रतिशत बातें पढ़ने या सुनने से सीखते हैं। ऐसे में शिक्षकों का आचरण और व्यवहार बच्चों के सामने आदर्श होना चाहिए।


इस दौरान विभिन्न गतिविधियों, फिल्मों, पावर पॉइंट प्रस्तुति और रोचक कहानियों के माध्यम से प्रतिभागियों को बाल अधिकार और व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. जास्मिन जोशी, उपप्राचार्य डॉ. श्वेता तिवारी, शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचि सरकार सहित फैकल्टी सदस्य और बीएड-डीएड के करीब 125 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

error: Content is protected !!