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चार जिलों के सहायक आयुक्तों को कारण बताओ नोटिस, आश्रम-छात्रावास सुधार के लिए दो माह की मोहलत


बजट उपयोग में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश, छात्रवृत्ति प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन


रायपुर, 8 अप्रैल। आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए चार जिलों—बलौदाबाजार, बेमेतरा, जशपुर और बिलासपुर—के सहायक आयुक्तों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इन जिलों में बजट का समुचित उपयोग नहीं किए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।


मंत्रालय में आयोजित बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र को देखते हुए आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। प्रमुख सचिव ने कहा कि अगले दो महीनों में छात्रावासों की मरम्मत, रंग-रोगन, शौचालय, पेयजल और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी छात्रावासों में अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए।


बैठक में सेप्टिक टैंकों की सफाई मैनुअल तरीके से न कराकर नगरीय निकायों के माध्यम से सक्शन मशीनों से कराने पर जोर दिया गया। वहीं “प्रोजेक्ट संकल्प” के तहत विद्यार्थियों के सांस्कृतिक, मानसिक और नैतिक विकास के लिए योग और ध्यान को भी शामिल करने की बात कही गई।


छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत पिछले सत्र में 3.3 लाख विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई। इस व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को जल्द ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे हार्ड कॉपी जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।


प्रमुख सचिव ने लंबित वन अधिकार प्रकरणों का 15 दिनों के भीतर ग्राम सभाओं के माध्यम से निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही एकलव्य और प्रयास आवासीय विद्यालयों में एक भी सीट खाली न रहने तथा विभिन्न विकास योजनाओं के कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया।

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