कोरिया
करीब तीन साल से चल रही कानूनी लड़ाई पर आखिरकार विराम लग गया है। लॉटरी प्रक्रिया के जरिए अध्यक्ष बनी नविता शिवहरे के चयन को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद उनके अध्यक्ष पद पर आधिकारिक तौर पर मुहर लग गई है और लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त हो गया है।
जानकारी के मुताबिक अध्यक्ष पद के लिए लॉटरी प्रणाली से चयन होने के बाद इस प्रक्रिया को लेकर विरोध पक्ष ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और लॉटरी प्रणाली को निरस्त किया जाना चाहिए।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें अदालत में रखी गईं। याचिकाकर्ताओं ने लॉटरी प्रक्रिया को अवैध बताते हुए चयन रद्द करने की मांग की, वहीं दूसरी ओर नविता शिवहरे के पक्ष ने कहा कि पूरी प्रक्रिया शासन के तय नियमों के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई है।
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया और लॉटरी के माध्यम से हुए चयन को वैध माना। कोर्ट के इस फैसले के साथ ही लगभग तीन साल से चल रही कानूनी जंग का अंत हो गया है।
हाईकोर्ट के निर्णय के बाद अब नविता शिवहरे के अध्यक्ष पद पर किसी भी तरह की कानूनी अड़चन नहीं रह गई है। फैसले के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं स्थानीय राजनीति में भी इस फैसले को अहम माना जा रहा है।
क्या था पूरा विवाद
अध्यक्ष पद के लिए लॉटरी प्रणाली से हुआ था चयन
विरोध पक्ष ने प्रक्रिया को अदालत में दी थी चुनौती
करीब 3 साल तक चला कानूनी विवाद
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर चयन को माना वैध
फैसले के बाद क्या बदलेगा
अध्यक्ष पद पर अब पूरी तरह कानूनी मुहर
लंबे समय से चल रहा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खत्म
स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली में स्थिरता आने की उम्मीद
