रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने नर्सिंग संवर्ग के सम्मान में बड़ा फैसला लिया है। श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की है कि अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” के नाम से जाना जाएगा।
यह घोषणा डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में नर्सिंग अधिकारी, छात्र-छात्राएं और अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और मरीजों की सेवा में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कोविड काल में नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सों ने समर्पण और सेवा भाव से काम किया। उन्होंने कहा कि नर्स मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं, इसलिए उनका दर्जा माँ के समान है।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और लंबित व्यवस्थाओं को पूरा करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
इस अवसर पर सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित पूरे नर्सिंग स्टाफ को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।
