छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सक्रिय थे नक्सली, स्टेट कमेटी सदस्य कोसा सोढ़ी उर्फ सुकरू भी शामिल; पुलिस दबाव और संगठन से मोहभंग बताया कारण
दंतेवाड़ा/कंधमाल। छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। ओडिशा के कंधमाल जिले में पांच खूंखार इनामी नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 11 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान उन्होंने AK-47, इंसास रायफल सहित पांच हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी पुलिस के हवाले किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे प्रमुख नाम कोसा सोढ़ी उर्फ सुकरू का है, जो ओडिशा स्टेट कमेटी का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। उस पर अकेले 55 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसने आत्मसमर्पण करते समय अपने पास मौजूद AK-47 राइफल भी पुलिस को सौंप दी।
छत्तीसगढ़ में 13 गंभीर मामलों में रहा शामिल
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कोसा सोढ़ी छत्तीसगढ़ में हुई 13 बड़ी नक्सली घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इसी वर्ष जनवरी में उसने अपने ही साथी अन्वेश की हत्या कर दी थी, जिसके बाद संगठन के भीतर तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।
ये हथियार किए गए जमा
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने पुलिस को जो हथियार सौंपे, उनमें
1 AK-47 राइफल
1 INSAS राइफल
2 3-नॉट-3 राइफल
1 सिंगल शॉट राइफल
के साथ भारी मात्रा में गोला-बारूद शामिल है।
पुलिस दबाव बना वजह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाल के महीनों में सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन और बढ़ते दबाव के कारण नक्सलियों ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। साथ ही माओवादी विचारधारा से मोहभंग होने की बात भी सामने आई है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतने बड़े इनामी नक्सलियों का एक साथ सरेंडर होना इस बात का संकेत है कि सीमा क्षेत्र में नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं और स्थानीय कैडर अब मुख्यधारा में लौटना चाहता है।
