जगदलपुर/रायपुर, 19 मई। अमित शाह ने बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में देश के नक्सलमुक्त होने का बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता नक्सल प्रभावित इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि “जब तक बस्तर समेत सभी पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र देश के बाकी हिस्सों के बराबर विकसित नहीं हो जाते, तब तक हमारी लड़ाई खत्म नहीं होगी।”
बैठक में Vishnu Deo Sai, Mohan Yadav, Yogi Adityanath और Pushkar Singh Dhami सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र-राज्य के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अमित शाह ने कहा कि यह बेहद गर्व का विषय है कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक बस्तर में हो रही है और इससे पहले ही पूरा बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सुरक्षाबलों की बहादुरी, सटीक इंटेलिजेंस और केंद्र-राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों को दिया। शाह ने प्रधानमंत्री Narendra Modi का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल की है।
गृह मंत्री ने कहा कि अब सरकार का फोकस विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा। उन्होंने कुपोषण के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने, स्कूल ड्रॉपआउट कम करने, साइबर अपराध रोकने और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अमित शाह ने न्याय व्यवस्था में तेजी लाने की जरूरत बताते हुए कहा कि 2029 से पहले हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक तीन साल के भीतर पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने राज्यों से 1930 साइबर हेल्पलाइन को आधुनिक बनाने और मिलावटखोरी के मामलों में सख्त कार्रवाई करने की भी अपील की।
बैठक में यह भी सामने आया कि 2014 के बाद क्षेत्रीय परिषद की बैठकों और समाधान किए गए मुद्दों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। गृह मंत्री ने कहा कि अब मध्य भारत का यह पूरा क्षेत्र न केवल नक्सलमुक्त बल्कि विवादमुक्त भी हो चुका है, जो “नए भारत” की बड़ी उपलब्धि है।
