प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल दीपक का करारा कटाक्ष : रामभद्राचार्य जी का अपमान करने वाले सिंहदेव अपने अधिकार के लिए राहुल के सामने खड़े होने का रंच मात्र भी साहस दिखा पाते!
‘छत्तीसगढ़ में ‘कलेक्शन मास्टर’ की भूमिका निभाकर भूपेश ने बचाई थी कुर्सी, टी.एस. सिंहदेव डर और दैन्य के कारण सिर्फ झुनझुना पा सके’
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने कर्नाटक में कांग्रेस के ‘ढाई-ढाई साल’ के फार्मूले के तहत डी.के. शिवकुमार की ताजपोशी पर तीखा तंज कसा है। प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने कहा कि यह फार्मूला लोकतंत्र या सुशासन का नहीं, बल्कि कांग्रेस आलाकमान (10 जनपथ) की ‘उगाही’ और आपसी बन्दरबाँट का एक नया मॉडल है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री दीपक ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिन डी.के. शिवकुमार पर खुलेआम अपने ही कार्यकर्ताओं से मारपीट करने और भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगे हैं, उन्हें राहुल गांधी ने सिर्फ इसलिए नामित किया क्योंकि कांग्रेस में योग्यता की नहीं, बल्कि ‘आकाओं’ की तिजोरी भरने की होड़ मची है।
कांग्रेस पार्टी का चरित्र हमेशा से ‘लूटो और बाँटो’ का रहा है। कर्नाटक की जनता अब इस नए समझौते के तहत भ्रष्टाचार की नई चक्की में पिसने के लिए मजबूर होगी। छत्तीसगढ़ के पिछले कांग्रेस शासन में ढाई-ढाई साल के इस फार्मूले के फेल होने की चर्चा करते हुए प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने सवाल उठाया कि आखिर यही फार्मूला छत्तीसगढ़ में तब कारगर साबित क्यों नहीं हुआ? क्या टी.एस. सिंहदेव इस फार्मूले को चलाने के काबिल नहीं थे? सिंहदेव तब इतने सक्रिय और मुखर क्यों नहीं हुए? उन्होंने इसकी वजह बताई कि छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल का फार्मूला इसलिए फेल हो गया क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरे प्रदेश का पैसा, छत्तीसगढ़िया जनता की गाढ़ी कमाई को लूटकर दिल्ली में बैठे अपने आकाओं के कदमों में रख दिया था। दिल्ली दरबार को खुश रखने की इसी ‘आर्थिक क्षमता’ के दम पर बघेल ने पूरे पांच साल अपनी कुर्सी बचाए रखी।
