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सरकारी विभागों पर ₹3035 करोड़ का बिजली बिल बकाया, दो विभागों पर ही 85% देनदारी



विधानसभा में सरकार ने पेश किया विभागवार ब्यौरा, 1.57 लाख से अधिक शासकीय उपभोक्ताओं पर बकाया


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में सरकार ने खुलासा किया कि प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों पर बिजली बिल की कुल ₹3035.37 करोड़ की देनदारी लंबित है। यह बकाया 1,57,341 शासकीय उपभोक्ताओं से संबंधित है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कुल बकाया का लगभग 85 प्रतिशत सिर्फ दो विभागों पर ही है।


सरकार के अनुसार नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सबसे बड़ा बकायेदार है, जिस पर ₹1525.18 करोड़ का बिजली बिल बकाया है। इसके बाद खाद्य विभाग पर ₹1057.56 करोड़ की देनदारी है। दोनों विभागों पर मिलाकर ₹2582.74 करोड़ का बकाया है, जो कुल बकाया राशि का बड़ा हिस्सा है।


सरकार द्वारा सदन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग पर ₹111.42 करोड़, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग पर ₹83.39 करोड़, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पर ₹40.70 करोड़, परिवहन विभाग पर ₹32.56 करोड़ तथा खनिज विभाग पर ₹30.95 करोड़ का बिजली बिल बकाया है।


इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग और जेल विभाग पर ₹28.57-₹28.57 करोड़, गृह विभाग पर ₹23.30 करोड़, ऊर्जा विभाग पर ₹14.98 करोड़, पर्यटन विकास विभाग पर ₹14.48 करोड़ सहित अन्य विभागों पर भी करोड़ों रुपये की देनदारी लंबित है।


विधानसभा में सामने आए इन आंकड़ों ने सरकारी विभागों की वित्तीय देनदारियों और बिजली बिलों के भुगतान की स्थिति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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