विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दावे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का तीखा जवाब, सत्ता-विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए दावा किया कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को दो बार सबक सिखाया है और अब आने वाले 25 वर्षों तक कांग्रेस सत्ता में नहीं लौट पाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा 70 सीटें जीतने की बात कर रही है, लेकिन यदि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव हुए तो “70 सीट तो छोड़िए, एक इनोवा में बैठकर जाएंगे।”
अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ गठन के बाद कांग्रेस को बहुमत मिला था और अजीत जोगी मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के शुरुआती वर्षों में ही जनता का भरोसा टूट गया, जिसके कारण पार्टी को 15 वर्षों तक सत्ता से बाहर रहना पड़ा। साय ने कहा कि वर्ष 2018 से 2023 तक कांग्रेस के शासनकाल में भी जनता परेशान रही और इसी वजह से भाजपा को दोबारा जनादेश मिला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब अगले 25 वर्षों तक सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी।
मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा 70 सीटों की बात कर रही है, लेकिन यदि प्रदेश में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव हुए तो भाजपा के विधायक इतने कम रह जाएंगे कि “एक इनोवा में बैठकर चले जाएंगे।”
मानसून सत्र के अंतिम दिन दोनों प्रमुख नेताओं के बीच हुई इस तीखी बयानबाजी ने प्रदेश की राजनीति को नया मुद्दा दे दिया है। आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी वार-पलटवार और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
