रायपुर, 18 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। बयान के समर्थन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव सामने आए हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे युवाओं का अपमान बताते हुए प्रधानमंत्री और भाजपा से माफी मांगने की मांग की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है, लेकिन नक्सली विचारधारा को भी समाप्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैचारिक स्तर पर ऐसी सोच को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ भी समाज को सतर्क रहना होगा।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रधानमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन करने वाले युवाओं को ‘नक्सली विचारधारा’ से जोड़ना उचित नहीं है। बैज ने कहा कि युवाओं की आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे नक्सलवाद से जोड़कर देखना युवाओं का अपमान है। उन्होंने प्रधानमंत्री और भाजपा से युवाओं से माफी मांगने की मांग की।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि समाज में विभाजन और राष्ट्रविरोधी सोच फैलाने वाली ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद केवल हथियार उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी विचारधारा को भी चुनौती देना जरूरी है जो देश और समाज को कमजोर करने का काम करती है।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद अब छत्तीसगढ़ में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी वार-पलटवार तेज हो गया है। भाजपा जहां ‘वैचारिक नक्सलवाद’ को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे युवाओं और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और गरमाने के आसार हैं।
