नगांव/रायपुर। असम के नगांव में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे कांग्रेस के काफिले पर कथित पथराव की घटना ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने घटना को लेकर भाजपा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला है। बघेल का आरोप है कि कांग्रेस के काफिले पर पत्थरों से हमला किया गया, एक कार का शीशा टूट गया और एआईसीसी सचिव मनोज चौहान समेत कुछ साथियों को चोटें आईं।
बघेल ने दावा किया कि जिस कार में वे और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई मौजूद थे, उस पर कथित तौर पर एसिड भी फेंका गया। उनका कहना है कि कार के शीशे बंद होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोटरसाइकिल सवार लोगों ने काफी दूर तक काफिले का पीछा किया और कुछ मोटरसाइकिलों पर भाजपा के झंडे लगे थे।
घटना पर तंज कसते हुए बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जब हिमंत बिस्वा सरमा उनकी सरकार के खिलाफ प्रचार करने आए थे, तब किसी ने उन पर उंगली तक नहीं उठाई थी। अब असम में कांग्रेस के काफिले पर पत्थर बरस रहे हैं। बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों को पुलिस की कार्रवाई का डर नहीं है और उन्हें खुली छूट मिली हुई है।
बघेल ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी चुनाव आयोग के अधीन होती है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है और कलेक्टर तथा एसपी से भी मुलाकात की है।
सबसे तीखा राजनीतिक तंज लगाते हुए बघेल ने इस घटना को उपचुनाव में हार के डर का नतीजा बताया। हालांकि, यह आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाया गया है और घटना में वास्तव में कौन जिम्मेदार है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
बघेल ने अंत में कहा कि कांग्रेस इस तरह के हमलों से डरने वाली नहीं है। उनका संदेश साफ था—“न कांग्रेस डरने वाली है और न असम की जनता, हम लड़ेंगे और जीतेंगे।”
