लोकगायक संजीवन टांडिया और लोकगायिका इमली टांडिया ने छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत से जमाया रंग, मुख्य अतिथि अशोक जायसवाल का आयोजन समिति ने किया आत्मीय स्वागत
कोरिया/चिरिमिरी। छत्तीसगढ़ की लोककला और लोकसंस्कृति की शानदार झलक उस समय देखने को मिली, जब ग्राम कुदरी के छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच ‘धरती के फूल’ ने चिरमी गांव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। लोकगीतों और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष एवं समाजसेवी अशोक जायसवाल शामिल हुए।
कार्यक्रम में ‘सपेरा बाबू’ फेम लोकगायक संजीवन टांडिया ने अपने लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गीतों से खूब धूम मचाई। वहीं लोकगायिका इमली टांडिया ने अपनी सुरीली आवाज और शानदार गीत-संगीत से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। देर तक चले सांस्कृतिक आयोजन में लोककला, संगीत और छत्तीसगढ़ी परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि अशोक जायसवाल के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आयोजन समिति के सदस्यों और स्थानीय युवाओं ने बैच लगाकर उनका आत्मीय एवं जोरदार स्वागत किया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उल्लास का माहौल बना दिया।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकृष्ण साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती मरकाम, जिला पंचायत सदस्य सुषमा कोराम, उर्मिला आरमो, भाड़ी मंडल अध्यक्ष राजू भगत, गदबदी सरपंच संतोष सिंह, गणेशपुर मंडल अध्यक्ष बसंत सिंह, पत्रकार लाल दास महंत उर्फ कल्ला सहित पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि और क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और लोककला के प्रति लोगों के उत्साह को प्रदर्शित किया। ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ ही प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
