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सोशल मीडिया कभी ज़मीनी जुड़ाव का विकल्प नहीं हो सकता: स्मृति इरानी

​भाजपा प्रदेश संगठन की दूसरे दिन की बैठक संपन्न, स्मृति इरानी ने कार्यकर्ताओं को बताया पार्टी की सच्ची पूंजी

​विधायकों, सांसदों, मंत्रिमंडल और कोर ग्रुप की बैठकों में बनी आगामी रणनीति

​रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति इरानी के दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर (प्रदेश भाजपा कार्यालय) में बैठकों का सघन दौर चला। बैठकों को संबोधित करते हुए श्रीमती इरानी ने कहा कि यह दो दिवसीय चिंतन आत्ममंथन, अपनी प्राथमिकताओं को पुनः रेखांकित करने और जनसंघ से लेकर विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनने तक के संकल्प को दोहराने का अवसर है।

​कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करते हुए उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता कर्मयोगी है और यही हमारी सच्ची पूंजी हैं। यह राष्ट्र प्रथम के विचार और कार्यकर्ताओं के निःस्वार्थ पसीने से सिंचित एक वैचारिक आंदोलन है।” उन्होंने आगे कहा कि पद और दायित्व बदलते रहते हैं, लेकिन कार्यकर्ता स्थायी होता है। सादगी ही हमारे सार्वजनिक जीवन का स्थायी आभूषण होनी चाहिए।

​गाँव-गाँव और चौखट तक पहुँचे कार्यकर्ता

जनसंवाद पर जोर देते हुए भाजपा प्रभारी ने कहा कि आज तकनीक और सोशल मीडिया का दौर है, संवाद के लिए यह जरूरी है लेकिन यह कभी ज़मीनी संपर्क (ग्राउंड कनेक्ट) का विकल्प नहीं बन सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक, गाँव-गाँव और पारा-टोला तक आमजन के सुख-दुख में उनकी चौखट पर मजबूती से खड़े होना ही कार्यकर्ता का सच्चा धर्म है। जब कार्यकर्ता जनता के बीच बिना औपचारिकता बैठता है, तब संगठन परिवार बन जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं के पराक्रम और परिश्रम से पार्टी पुनः सरकार बनाएगी।

​चार सत्रों में हुआ मंथन, बनी भावी रणनीति

दिनभर चले बैठकों के दौर में आगामी राजनीतिक व संगठनात्मक रूपरेखा तैयार की गई:

  1. ​प्रथम सत्र (विधायक बैठक): विधायकों के साथ जमीनी स्तर पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता से सीधे संवाद पर चर्चा हुई।
  2. ​द्वितीय सत्र (सांसद बैठक): लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों के साथ केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
  3. ​तृतीय सत्र (मंत्रिमंडल बैठक): प्रदेश सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया गया।
  4. ​चौथा सत्र (कोर ग्रुप बैठक): स्मृति इरानी के मार्गदर्शन में संगठन के आगामी कार्यक्रमों और भावी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

​प्रमुख रूप से रहे उपस्थित

इन बैठकों में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित मंत्री, सांसद, विधायक एवं कोर ग्रुप के सदस्य उपस्थित रहे।

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