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करम परब में जनजातीय संस्कृति की गूंज, मांदर की थाप पर थिरके मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बनगांव में 6 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता से सजी करम पूजा महोत्सव की भव्यता, सामाजिक भवन के लिए 50 लाख और सीसी रोड के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा

जशपुर, 4 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक करम परब जशपुर जिले के ग्राम बनगांव में पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। फरसाबहार विकासखंड में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

महोत्सव में जनजातीय संस्कृति की अनुपम छटा देखने को मिली। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नर्तक दलों और उरांव समाज के 6 हजार से अधिक लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में मांदर, ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नृत्य किया। मुख्यमंत्री साय भी कलाकारों के साथ कदम मिलाकर थिरके और उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान पूरा परिसर लोकसंस्कृति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।

बनगांव को विकास की सौगात

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। ग्राम बनगांव में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये और सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही बनगांव में अखड़ा निर्माण तथा सहसपुर में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा भी की।

प्रकृति, परंपरा और सामाजिक एकता का पर्व है करम परब

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि करम परब जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति के प्रति प्रेम, आस्था और सम्मान की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि करम परब समाज को प्रकृति संरक्षण, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता के मूल्यों से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से आधुनिक शिक्षा और विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाषा, लोकगीत, लोकनृत्य, रीति-रिवाज और पारंपरिक पर्व हमारी पहचान हैं। इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों तक विरासत पहुंचाने के लिए जरूरी है।

जनजातीय वीर नायकों के बलिदान को किया याद

मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए रानी दुर्गावती, भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, गेंद सिंह और वीर बुधु भगत जैसे महान नायकों के शौर्य और बलिदान को देश के इतिहास का गौरवशाली अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि इन वीर नायकों का संघर्ष समाज को साहस, त्याग और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है।

सरकार की योजनाओं और जशपुर के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। महतारी वंदन योजना, किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं से विभिन्न वर्गों को लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों की कार्रवाई और स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जशपुर जिले में मेडिकल शिक्षा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, आर्चरी अकादमी, विद्युत सब स्टेशन तथा सड़क, पुल-पुलिया और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी जिले के हर गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जनजातीय संस्कृति का संरक्षण और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, आयोजन समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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