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सावधान! आप अनुसूचित क्षेत्र में हैं, पत्थरगड़ी किसी जाती धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि सरकार के खिलाफ….देखिए वीडियों

कोरिया / इन दिनों पत्थरगढी को लेकर काफी भूचाल मचा हुआ है। छत्तीसग़ढ के जशपुर जिले से चर्चा में आए पत्थलगढी का मामला अब कोरिया जिला मुख्यालय में भी सामने आ रही है।

आपको बता दे की जशपुर और झारखण्ड के बाद पत्थरगड़ी के असर से कोरिया भी अछूता नहीं है। जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत रामपुर में संविधान की 5 वीं अनुसूची के नियम उपबंधों का उल्लेख किया गया है। पत्थरगढी में ग्रामसभा को सर्वोच्च बताया गया है। जिसके समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के वाद निर्णय सार के रूप में बताया गया है। साथ ही लोगों को इस बात से सावधान किया गया है कि आप अनुसूचित क्षेत्र में हैं।

समाज के जानकर लोग बताते है की यह प्राचीन समय से चलता आ रहा है और पत्थरगड़ी कई प्रकार से किए जाते रहे है। इस बार लोगों को जागरूक करने पत्थरगड़ी की जा रही है।

देखिए वीडियों – विजय सिंह ठाकुर

जिले के रामपुर ग्राम पंचायत में भी ऐसी ही एक पत्थरगढी है जिसका गठन पिछले 26 फरवरी 2018 को होना दर्शाया गया है। इस पत्थर में बकायदा अशोक चिन्ह को
प्रदर्शित कर यह उल्लेखित किया गया है कि …..सावधान आप अनुसूचित क्षेत्र में हैं ….और यह क्षेत्र अनुसूचित जनजातियों का प्रशासन व नियंत्रण क्षेत्र है। वहीं कई न्यायालयों के फैसलों का जिक्र भी इस पत्थरगढी में किया गया है। जिसमें यह लिखा गया है कि जिसकी जमीन उसका खनिज व आदिवासी ही भारत के मूल मालिक हैं।

खास बात यह है कि इन दिनों प्रदेश भर में पत्थरगड़ी के कई मामले उजागर हो रहे है।कोरिया पटना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामपुर में 26 फरवरी 2018 को सर्व आदिवासी समाज कोरिया के द्वारा एक दिवसीय संवैधानिक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत रामपुर में किया गया था। जिसमें आदिवासी वर्ग के नेता सम्मलीत होने के साथ भारी संख्या में आदिवासी वर्ग के लोग जुटे थे। इसके बाद इसी कार्यक्रम में पत्थरगढ़ी का अनावरण किया गया, कार्यक्रम की जानकारी भी प्रशासन को दी गई थी पर वो वक्त कुछ और था और आज का वक्त कुछ और है। जशपुर और झारखण्ड के घटनाओं के बाद पत्थरगड़ी और शिलालेख में उकेरे लेख से मामला सरेआम हुआ है। जशपुर की तरह यहां भी पत्थरगड़ी में उन्हीं पांचवीं अनुसूची व संविधान के बातों का उल्लेख किया गया है।

समाज के बड़े नेताओं का मानना है की पत्थरगड़ी प्राचीन परम्परा है अंग्रेजों के ज़माने में भी पत्थरगड़ी होता था। पत्थरगड़ी किसी जाती धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि सरकार के खिलाफ किया जा रहा है। फ़िलहाल जो पत्थरगड़ी मामला हुआ है उसे समझने की जरुरत है ….

देखिए वीडियों – गुलाब सिंह – अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज

मामले को लेकर आज आदिवासी समाज के द्वारा जिला मुख्यालय में धरना पर्दशन भी किया गया। समाज का कहना है की जो लोग पत्थर तोड़े है उनकी गिरफ्तारी हो।

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