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भारतीय संविधान जलाना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों पर दर्ज हो आपराधिक प्रकरण: अमित जोगी

** 09 अगस्त की घटना पर जताया रोष
** संविधान का अपमान पूरे देश का अपमान
** बताई भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर रचित भारतीय संविधान की विशेषताएं
** भाजपा और संघ के रूख पर भी जताई आपत्ति

रायपुर / आरक्षण मुर्दाबाद बोलते हुए 9 अगस्त 2018 को भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर रचित भारतीय संविधान को पुलिस की मौजूदगी में जला दिया गया है।जलाने वालों ने बाकायदा वीडियो बनाकर उसे वायरल भी कर दिया। उक्त घटना पर मरवाही विधायक अमित जोगी ने कड़ा विरोध दर्ज करवाते हुए कहा है कि भारतीय संविधान हमारे देश के सम्मान का प्रतीक है, इसका अपमान देश का अपमान है। संविधान व झंडा आदि राष्ट्रीय अस्मिता के प्रतीक है जिन्हें जलाना,फाड़ना आदि राष्ट्रीय अपमान है।

अमित जोगी ने कहा कि यह वही भारतीय संविधान है जिसके अनुच्छेद 15(4), 16(4), 340, 341, 342 में देश के हजारों वर्ष से उपेक्षित लोगों को विशेष अवसर का अधिकार प्रदान करता है। हमारे संविधान ने जातीय श्रेष्ठता के भाव को समाप्त कर इसे व्यक्त करने को अपराध घोषित किया है। सामाजिक व शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े, छुआछूत के शिकार व आदिवासी लोगो को भारतीय संविधान ने विशेष अधिकार प्रदान किये है इसीलिए आरक्षण और संविधान विरोधियों के आंख की किरकिरी है।

संविधान की विशेषताएं बताते हुए अमित जोगी ने आगे कहा कि डॉ अम्बेडकर रचित भारतीय संविधान धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। यह देश को धर्मनिरपेक्ष घोषित कर हिन्दू के अलावा मुसलमान, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध एवं अन्य सभी धर्मो को आदर देने, इन्हें मानने वालों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करने का अधिकार देता है। जोगी ने कहा कि जिन्होंने कभी मैत्री भाव से रहना-जीना सीखा नहीं, उन्हें भारतीय संविधान से दिक्कत हो रही है क्योंकि संविधान में व्यक्ति या जातीयता श्रेष्ठता का कहीं कोई स्थान नहीं है।

अमित जोगी ने कहा कि हमारा संविधान समता की वकालत करता है। समता का मतलब सभी को समान अधिकार है। जाति या धर्म के नाते न कोई बड़ा है और न कोई छोटा है। सभी को एक ही घाट पर पानी पिलाने वाले संविधान से उन्हें दिक्कत है, जिन्हें जाति के नाते श्रेष्ठता का आरक्षण प्राप्त था। इसलिए वे लोग इसे मुर्दाबाद बोलते हुए जला रहे हैं। हमारा संविधान सबको रोजगार, शिक्षा देने की वकालत कर रहा है। यह संविधान सबको सम्मानजनक जीने का अधिकार एवं आधार प्रदान कर रहा है। इसलिये कुछ चंद लोग इसे जलाकर देश में सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

संविधान पर भाजपा और संघ के रूख पर आपत्ति जताते हुए अमित जोगी ने कहा कि कभी केन्द्रीय मंत्री हेगड़े, कभी आरएसएस प्रमुख भागवत, कभी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी संविधान बदलने, समीक्षा करने की बात सार्वजनिक मंचों में बोलने लगे हैं। ऐसा करना देश की एकता और अखंडता के लिए बहुत बड़ा खतरा है। अमित जोगी ने 09 अगस्त को संविधान को जलाने वाले लोगों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाने की मांग करी है।

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