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सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बंधे हैं उड़ीसा और छत्तीसगढ़ – बृजमोहन

रायपुर / गाड़ा महासभा छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित नुआखाई महोत्सव में रायपुर दक्षिण विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए।

इस अवसर पर उपस्थित सामाजिक जनों को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने नुआखाई की बधाई दी और कहा कि सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बंधे हैं उड़ीसा और छत्तीसगढ़ हैं। लाखों की तादाद में उत्कल बंधु छत्तीसगढ़ में रहते हैं। और यहां की सेवा करते हुए राज्य के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।
बृजमोहन ने कहा कि वास्तव में यह समाज कई मामलों में पिछड़ा हुआ है। हालांकि हमने समाज की पिछड़ेपन को दूर करने के लिए बहुत प्रयत्न किए हैं, और काफी हद तक सफलता भी पाई है। परंतु जब तक समाज में जनजागृति नहीं आएगी कोई सरकार, कोई व्यक्ति समाज को आगे नहीं बढ़ा सकता।

रायपुर शहर में ऐसी कोई उत्कल बस्ती नहीं बची है जहां अच्छी सड़क,शुद्ध पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंची हो। हमने शासन की हर योजना का लाभ उत्कल समाज के लोगों को दिलाने का निरंतर प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि पिछले समाज की सबसे बड़ी समस्या है शिक्षा और नशा। समाज की हर बुद्धिजीवियों को आगे आकर शिक्षा के क्षेत्र में समाज की बच्चों को आगे बढ़ाने प्रेरित करना होगा, उसके साथ ही नशा मुक्त समाज निर्माण के लिए जन जागृति लानी होगी। उत्कल समाज एक मेहनत का समाज है। इन दो बातों को अमल में लाया गया तो सही मायने में इन्हीं दो कार्यों से समाज का उत्थान होगा। उन्होंने कहा कि नुआखाई का यह पर्व उड़ीसा और छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त किसानों के जीवन में समृद्धि लेकर आए यही ईश्वर से कामना है। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर रायपुर संयोजक बसंत बाघ,अजित कुकरेजा,राजेश दीप,बालेश्वर चौरे, राजमोहन बाग, संतोषी नायक,रघुचंद निहाल, सावित्री जगत आदि उपस्थित थे।

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