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अमृतधारा महोत्सव की तैयारियां शुरू : दो दिवसीय अमृतधारा महोत्सव 23 फरवरी से : महोत्सव में कवि सम्मेलन और कुकिंग प्रतियोगिता होगा आकर्षक का केंद्र

00 कलेक्टर ने ली अमृतधारा पर्यटन विकास समिति के सदस्यों की बैठक

कोरिया / जिले के प्रसिध्द पर्यटन स्थल अमृतधारा में अमृतधारा महोत्सव की तैयारी शुरू कर दी गई है। अमृतधारा महोत्सव 23 ओैर 24 फरवरी को आयोजित होगी। अमृतधारा महोत्सव इस बार भी वृहद्व और आकर्षक होगा।

कोरिया कलेक्टर एस प्रकाश ने आज यहां अपने चेम्बर में अमृतधारा महोत्सव की तैयारियों के संबंध में अमृतधारा पर्यटन विकास समिति के सदस्यों की बैठक ली। बैठक में उन्होने अमृतधारा पर्यटन विकास समिति के सदस्यों को आवश्यक निर्देश दिये। अमृतधारा पर्यटन स्थल जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर से 30 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर ग्राम नागपुर के समीप स्थित ग्राम लाई से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बैठक में श्री प्रकाश ने बताया कि बारहमासी जलप्रपात अमृतधारा को और अधिक आकर्षक बनाकर राष्ट्रीय मानक के रूप में विस्तार किया गया है। उन्होने बताया कि इस वर्ष भी अमृतधारा महोत्सव को उनके नाम के अनुरूप मनाया जायेगा। महाशिवरात्रि के पूर्व अर्थात 23 फरवरी और महाशिवरात्रि के दिन अर्थात 24 फरवरी को अमृतधारा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। अमृतधारा महोत्सव को विगत वर्ष की भांति ही आकर्षक और गरिमामय रूप से मनाया जायेगा। दो दिवसीय अमृतधारा महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को मंच दिया जायेगा। इसके अलावा ख्याति प्राप्त राज्य स्तरीय कलाकारों के लिए भी मंच आरक्षित किया जायेगा। अमृतधारा महोत्सव में लाईट एंड साउंड, हास्य व्यंग्य कवि सम्मेलन, क्रियेटिव ग्रुप का कार्यक्रम, कुकिंग कॉम्प्टिशन आदि के आयोजन के संबंध में चर्चा की गई। इसके अलावा मनोरंजन के लिए मीनाबाजार सहित अन्य विभिन्न मनेारंजन के साधन उपलब्ध कराने की भी बात कही गई। बैठक में उन्होने राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिये। इसी तरह श्री प्रकाश ने अमृतधारा की साफ-सफाई पर भी बल दिया और उन्होने साफ-सफाई आदि कार्य के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिये। बैठक में उन्होनेे यातायात, पेयजल, वाहन पार्किंग, टेंट, लाईट, साउंड आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होने महोत्सव में आने वाले व्यापरियों के लिए दुकानों का आबंटन आदि के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि ग्राम लाई के समीप हसदो नदी चटटानों के मध्य से होकर करीब 200 फीट की उचाई से गिरकर मनोरम अमृतधारा जलप्रपात कर निर्माण करती है। बारिश, ठंड और गर्मी तीनों की मौसमो में जलप्रपात का अनुपम रूप और अलग-अलग दृश्य देखने को मिलते है। गिरते झरने के बीच ओस जैसी बंूदो को निहारना निश्चित ही मन को शीतलता और ऑखो को सुकून प्रदान करता है। प्रदेश के अन्य हिस्सों सहित पड़ोसी राज्यों के अलावा अन्य प्रदेशों से भी प्रतिवर्ष बडी संख्या में पर्यटक और सैलान यहॉ आते है।

इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री संतन जांगडे, डिप्टी कलेक्टर एवं जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चेतन बोरघरिया, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग बेैकुण्ठपुर के कार्यपालन अभियंता एस.डी.मानिकपुरी, जिला लोक शिक्षा समिति के जिला परियोजना अधिकारी उमेश जायसवाल, जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी डॉ.एस.के.मिश्रा एवं पी.एम.आर.डी.एफ फेलो के निकुंज गमेती उपस्थित थे।

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