- ताली बजाने दोनों हाथो की होती है जरुरत.शहर को विकलांग बना आधार में छोड़ना पड़ेगा महँगा, 39 लोग नहीं पूरा शहर मेरा परिवार करे चिंतन
कोरिया/चिरमिरी / सोमवार की रात्रि लगभग 09 बजे हुई घटना को लेकर मंगवार को पुरे दिन इस अप्रिय घटना पर मंथन का दौर जारी रहा जहाँ शहर के जनप्रतिनिधी पीड़ित रहवसियो को मदद देने में लगे हुए थे तो प्रशासनिक अमला उन्हें सुरक्षा देने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है । महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल के आदेश पर निगम अमले में डोर टू डोर एक एक निवास को चिंहित करते हुए हुए शाम तक कुल 39 पीड़ित रहवासियों को अपनी कागजी कार्यवाई में अंकित कर उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था देने के लिए चुना और इसकी जानकारी अपने उच्च अधिकारियो को साझा कर अपने निगम अमले के साथ उनके उपकरणों को लगा कर उन्हें घटना स्थल से स्थानांतरित कर पास के ही प्राइवेट स्कुल में अस्थाई रूप में ठहरने की व्यवस्था दी जा रही है जो निरंतर जारी बना हुआ है । इसी बीच पुरे मामले की गंभीरता को देखते हुए और मिली जानकारी अनुसार प्रदेश की संसदीय सचिव, बैकुंठपुर की विधायक श्रीमती अम्बिका सिंह देव, कलेक्टर कोरिया,पुलिस अधिक्षक कोरिया के साथ एसईसीएल चिरमिरी के मुख्य महाप्रबंधक घनश्याम सिंह ने घटना स्थल का दौरा कर घटना स्थल को नजदीक से देखा एवं पीड़ित परिवारों से भी मिले और उनके दुःख को साझा किया और इस पूरी घटना पर त्वरित प्रशासनिक बैठक के लिए एसईसीएल ने श्यामली रेस्ट हॉउस में उपस्थित हुए जहाँ पहले शहर के किसी भी जनप्रतिनिधी को बुलाना उचित नहीं समझा उसके बाद विवाद को बढ़ता देख अपने अधीनस्थ अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों को दूर भाष के माध्यम से सुचना दे कर बुलाया गया जिसकी नाराजगी महापौर चिरमिरी ने जाहिर करते हुए उपस्थित अधिकारियों से ऐसे कार्यो पर रोक लगाने की बात कही बैठक के शुरवाती दौर में ही बैठक में उपस्थित एसईसीएल चिरमिरी के मुख्य महाप्रबंधक घनश्याम सिंह ने अपने पहले ही कथन में इस घटना से पीड़ित परिवार को किसी भी प्रकार मदद करने से हाथ खड़े कर लिया जिसकी बातों पर बैठक में उपस्थित महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल ने शख्त तेवर दिखाते हुए आड़े हाथो लिया और कहा की शहर का दोहन आपने किया और मदद हम केवल हम करे आदरणीय ताली दोनों हाथो से बजाई जाती है । एक हाथ से नहीं यह पीड़ित 39 परिवार नहीं पूरा शहर मेरा परिवार है जिसकी छडिक भी तखलिफ् बर्दाश्त नहीं की जाएगी इसे आपको समझना और सोचना होगा कहते हुए बैठक के बीच में ही अपने स्थल से बाहर निकल गई और अपनी नाराजगी जाहिर कर पीड़ित परिवार के पास आ पहुची ।

बहरहाल शहर की इस बड़ी घटना को नजरअंदाज कर पुरे मामले में एक नया मोड़ ला दिया है जो समय दर समय स्थानीय लोगो में आग की तरह फैल रहा जिसका जल्द निराकरण नहीं किया गया तो शहर की एक बड़ी बसाहट को शहर से बाहर होने से कोई रोक नहीं सकता ।।
