Advertisement Carousel

लोग समझ रहे थे कंटेनमेंट जोन हकीकत सामने आई तो सब ने कहा – वाह देश भक्ति हो तो ऐसी


कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर का हृदय स्थल व शहर का सबसे व्यस्ततम स्थल घड़ी चौक में सड़क के बीचों- बीच हुए जानलेवा गड्ढे में रोजाना कोई ना कोई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर चोटिल हो रहे थे जिस पर जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे थे। इसी बीच अपनी जिम्मेदारी का अनोखा मिसाल पेश करते हुए जिले में ट्रैफिक मैन के नाम से मशहूर यातायात सैनिक महेश मिश्रा ने सीमेंट एवं गिट्टी से गड्ढे को भरने का कार्य कराया व यातायात विभाग द्वारा पूरे 36 घंटे तक बेरीकेटिंग कर भरे हुए गड्ढे को सुखाने का कार्य किया एवं परिवर्तित मार्ग से सुचारू रूप से आवागमन को संचालित किया जिसकी तारीफ शहर भर में जमकर हो रही है। गड्ढा सुखाने के लिए किए गए बेरीकेटिंग को नगरवासी लॉकडाउन के दौरान कंटेनमेंट जोन समझते रहे जब हकीकत सामने आई तो सब ने कहा देशभक्ति एवं जन सेवा का जज्बा हो तो ऐसा।


उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय का राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गया है और सड़कों में बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानियां खड़ी कर रहे हैं ऐसा नहीं है कि यह एकाद जगह हुए हैं बल्कि यह गड्ढे जगह-जगह बने हुए हैं जिसके कारण वाहन चालकों समेत राहगीरों को भी इस मार्ग से होकर गुजरने में काफी परेशानी हो रही है।


यातायात जागरूकता अभियान बनी पहचान आज के दौर में जहां सड़क हादसों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा और इसे रोकने की दिशा में शासकीय स्तर पर जागरूकता के लिए लाखों रुपए खर्च होने की बातें अक्सर सामने आती रहती हैं वहीं दूसरी तरफ जिले के यातायात विभाग में पदस्थ सैनिक महेश मिश्रा ने स्वयं के खर्च पर यातायात के प्रति जागरूकता के क्षेत्र में जिला ही नहीं संभाग एवं प्रदेश स्तर तक लगभग 4 लाख लोगों को जागरूक कर अपनी अलग पहचान स्थापित किया है।


समाज सेवा बनी मिसाल महेश मिश्रा का समाज सेवा के क्षेत्र में भी निरंतर सहभागिता रही है जिसके तहत स्वयं के खर्च से वाहन चालकों को निःशुल्क चश्मा का वितरण करना, शहर के प्रमुख चौराहे के गड्ढे को भरना, सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करना, कुपोषित बच्चों को पोषण आहार का वितरण, यातायात जागरूकता अभियान के दौरान छात्रों एवं उपस्थित जनों को सम्मान व पुरस्कार का वितरण करना, जरूरतमंदों को रक्तदान जैसे नेक कार्य इनके द्वारा निरंतर किया जा रहा है।


जिले में प्रेम की प्रतिमूर्ति व कर्तव्यनिष्ठता की मिसाल गौरतलब है कि श्री मिश्रा अपने सरल सहज व मिलनसार स्वभाव के कारण पूरे क्षेत्र में जाने जाते हैं बच्चों व युवाओं के बीच में इनकी अच्छी खासी पकड़ है साथ ही शहर में मिलनसार व्यक्तित्व के धनी माने जाते हैं जिसका परिणाम यह है कि पूरे शहर में सभी प्रतिष्ठानों के साथ जिले की विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य से लेकर विद्यालयीन स्टाफ, छात्र-छात्राओं, वाहन चालकों मालिकों के पास इनका मोबाइल नंबर उपलब्ध है जो कि एक हेल्पलाइन की तरह कार्य करता है। जो किसी भी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति में या यातायात संबंधी किसी प्रकार की जानकारी के लिए तथा कैरियर मार्गदर्शन के लिए उपयोग में आ रहा है। गौरतलब है कि श्री मिश्रा छोटे से पद पर रहते हुए भी अपने व्यवहार व कार्यों के बल पर सबका दिल जीत रखा है जिसका परिणाम है कि उच्च अधिकारियों का मार्गदर्शन उन्हें हमेशा मिलता रहा है।


मिल चुके हैं सैकड़ों सम्मान तन समर्पित मन समर्पित और यह जीवन समाज सेवा के नाम समर्पित की धारणा को जीवंत करने वाले देशभक्ति जनसेवा को चरितार्थ कर विभाग का नाम रोशन करने वाले महेश मिश्रा को अब तक विभिन्न अवसरों में सैकड़ों सम्मान से नवाजा जा चुका है।


इंसान है या कुदरत का भेजा हुआ फरिश्ता गौरतलब है कि आज के वर्तमान समय में लोगों की जीवन चर्या केवल अपने तक सीमित रह गई है इस दौर में भी यातायात सैनिक महेश मिश्रा विगत 15 वर्षों से निरंतर पूर्ण समर्पण भाव से जन सेवा के कार्य में लगे हैं व समाज व देश हित का कार्य कर रहे हैं हमारा भी सलाम है ऐसे कर्मवीर को।

error: Content is protected !!