चलित स्वास्थ्य इकाई के जरिए गांव-गांव पहुंच रही निःशुल्क जांच, दवा और परामर्श सेवा
सक्ती जिले के सिंघीतराई, ओड़ेकेरा और निमोही ग्राम पंचायतों में वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट (व्हीएलसीटीपीपी) की सामुदायिक विकास परियोजना ‘आरोग्य’ के तहत चलित स्वास्थ्य इकाई ग्रामीणों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक करीब 1500 जरूरतमंद ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
परियोजना का संचालन स्वयंसेवी संस्था पीएचडी रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन, नई दिल्ली के सहयोग से किया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवाइयां और चिकित्सकीय परामर्श दिए जा रहे हैं। शिविरों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, खून की कमी सहित सामान्य बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध है।
वेदांता की चलित स्वास्थ्य इकाई में एमबीबीएस डॉक्टर और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीणों को पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति भी प्रेरित किया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि इस पहल से ग्रामीणों की झोला छाप चिकित्सकों पर निर्भरता कम हुई है और उन्हें गांव में ही प्राथमिक उपचार मिल रहा है।
वेदांता पावर बिजनेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि स्वस्थ भारत के विजन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना कंपनी की प्राथमिकता है। वहीं व्हीएलसीटीपीपी के मुख्य प्रचालन अधिकारी देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी लाभ मिल रहा है।
ग्राम पंचायत सिंघीतराई के सरपंच प्रतिनिधि घुरवा राम सिदार ने वेदांता की पहल को ग्रामीणों के लिए उपयोगी बताया। वहीं ओडेकेरा के सरपंच प्रतिनिधि चंद्रिका चौहान और निमोही के सरपंच पारसमणि गभेल ने कहा कि गांव में लग रहे चिकित्सा शिविरों से लोगों को समय और आवागमन दोनों में राहत मिल रही है।
