2019-24 के बीच ओवरटाइम, बोनस और अतिरिक्त काम के नाम पर ₹172 करोड़ से अधिक के कथित फर्जी भुगतान का आरोप, EOW/ACB की बड़ी कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आबकारी निगम के पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष अदालत ने उन्हें 20 जुलाई तक रिमांड पर भेज दिया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2024 के बीच ओवरटाइम, बोनस और अतिरिक्त कार्य के नाम पर 172 करोड़ रुपये से अधिक का कथित रूप से गलत भुगतान किया गया। यह राशि मैनपावर एजेंसियों को दी गई थी। आरोप है कि इस भुगतान का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में वापस लिया गया।
बताया गया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिली जानकारी के आधार पर EOW/ACB ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी की गई।
इस मामले में जांच एजेंसी पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अब पूर्व एमडी की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
