सूरजपुर के धुरिया गांव की घटना, परिवार का आरोप- तीन महीने से रास्ता खुलवाने के लिए लगा रहे प्रशासन के चक्कर
सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर विकासखंड के धुरिया गांव में प्रशासनिक लापरवाही और बुनियादी सुविधाओं की कमी का गंभीर मामला सामने आया है। रास्ता बंद होने के कारण 108 एंबुलेंस गर्भवती महिला के घर तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरन परिजन महिला को अस्पताल ले जाने के लिए पैदल निकले, लेकिन रास्ते में ही खेत में उसकी डिलीवरी हो गई।
परिजनों के अनुसार सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के कारण उनके घर तक जाने वाला रास्ता पिछले करीब तीन महीने से बंद है। इस संबंध में वे कई बार नायब तहसीलदार कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। परिवार का कहना है कि हाल ही में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की गई थी, फिर भी रास्ता नहीं खुल पाया।
घटना वाले दिन प्रसव पीड़ा शुरू होने पर 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन सड़क और रास्ता अवरुद्ध होने के कारण वाहन गांव के अंदर तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में परिजनों को महिला को पैदल ले जाना पड़ा। अस्पताल पहुंचने से पहले ही खेत में महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर रास्ते की समस्या का समाधान कर दिया जाता तो महिला को ऐसी विषम परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
इस मामले में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कपिल देव पैकरा ने कहा कि घटना की जानकारी मिली है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, आवागमन और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
