सुकमा में बाढ़ जैसे हालात, NH-30 के कई पुलों के ऊपर बह रहा पानी; कोंटा का जिला मुख्यालय से संपर्क बाधित, नारायणपुर और गरियाबंद में भी नदी-नाले उफान पर
रायपुर/सुकमा। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने बस्तर संभाग समेत प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, जगदलपुर और गरियाबंद में नदी-नाले उफान पर हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्यालयों से टूट गया है, जबकि सड़क और पुल-पुलियाओं के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी।
सबसे गंभीर स्थिति सुकमा जिले में बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण शबरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कोंटा क्षेत्र में नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने एहतियातन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। ढोढ़रा और चिखलगुड़ा समेत नदी किनारे बसे इलाकों में मकान खाली कराए जा रहे हैं। निचली बस्तियों में भी लोगों को सतर्क किया गया है।
NH-30 पर कई जगह पानी, कोंटा का संपर्क प्रभावित
सुकमा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर कई स्थानों पर पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। दुब्बाटोटा, एर्राबोर और चिकपाल क्षेत्र में पुलों के ऊपर पानी आने से आवागमन बाधित हुआ है। सुकमा-मलकानगिरी मार्ग पर झापरा पुल के ऊपर पानी ओवरफ्लो होने से आवाजाही प्रभावित है। सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर डुब्बाटोटा पुलिया तथा दोरनापाल-कोंटा मार्ग पर इंजराम पुलिया के ऊपर भी पानी बह रहा है।
ओडिशा जाने वाले मोटू मार्ग पर भी जलस्तर बढ़ने से आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया है। कई स्थानों पर वाहनों की कतार लग गई है। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर तैनात हैं तथा लोगों को पानी के तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
100 से ज्यादा गांवों पर असर
लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर से सुकमा जिले के 100 से अधिक गांवों में आवागमन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। दोरनापाल-जगरगुंडा मार्ग के बीच नरशापुरम नाला भी उफान पर है। पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण मार्ग बाधित है। इसके बावजूद कुछ ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पानी पार करने का प्रयास करते नजर आए, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों से ऐसा नहीं करने की अपील की है।
छिंदगढ़ क्षेत्र के ओलेर, नेतानार, किकिरपाल, तालनार, गुम्मा और गंजेनार सहित कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। ओलेर क्षेत्र में करीब 70 से 80 लोगों के पानी से घिरे होने की सूचना के बाद नगर सेना की टीम को राहत के लिए रवाना किया गया है।
नारायणपुर में माढ़ीन नदी उफान पर, गांवों का संपर्क कटा
नारायणपुर जिले में भी लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। माढ़ीन नदी का जलस्तर बढ़ने से अबूझमाड़ और छोटेडोंगर क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है। इमलीपदर के आगे ब्रेहेबड़ा के पास गाड़ाघाट नाला जलमग्न हो गया है। धनोरा क्षेत्र की झरिया पुलिया पर भी पानी आने से आवागमन बाधित है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल और जिला पंचायत सीईओ चित्रकांत चाली ठाकुर ने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
जगदलपुर में कई वार्ड जलमग्न
बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में भी लगातार बारिश से कई वार्डों में जलभराव की स्थिति बन गई है। शहर की कई सड़कें पानी में डूब गई हैं और निचले इलाकों में घरों में पानी घुसने की स्थिति बनी है। जगह-जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। इंद्रावती नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है।
गरियाबंद में 200 मिमी से अधिक बारिश, खेत जलमग्न
गरियाबंद जिले के देवभोग और अमलीपदर तहसील में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेल नदी, सुख तेल नदी और कई बरसाती नाले उफान पर हैं। कई घरों में पानी घुसने की सूचना है। लोग रातभर जागकर घरेलू सामान को सुरक्षित करने में जुटे रहे।
बताया गया कि 24 घंटे में क्षेत्र में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज हुई है। हजारों एकड़ खेत जलमग्न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। भारी बारिश के कारण त्रिवेणी संगम का जलस्तर भी बढ़ा है। सीकासार जलाशय में जलभराव बढ़ने के बाद पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने नदी-नालों और तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की है। भारी बारिश के मद्देनजर त्रैमासिक परीक्षाएं भी स्थगित की गई हैं।
गंगरेल के 14 गेट खोले गए
धमतरी में भारी बारिश के बीच गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले गए हैं। बांध से करीब 2.06 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है। बांधों में पानी की तेज आवक के चलते महानदी में बाढ़ का खतरा बढ़ा है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
महासमुंद में 30.2 मिमी औसत बारिश
महासमुंद जिले में भी पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश जारी है। जिले में 24 घंटे के दौरान 30.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई, जबकि एक जून से अब तक 1204.1 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
बालोद में स्कूल बंद करने के आदेश पर उठे सवाल
बालोद जिले में भारी बारिश की चेतावनी के बीच स्कूलों में अवकाश के आदेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद अवकाश का आदेश स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने के बाद जारी हुआ, जिससे कई छात्र-छात्राएं और शिक्षक स्कूल पहुंच चुके थे। बाद में जारी आदेश के अनुसार आज होने वाली परीक्षाएं 28 सितंबर को पूर्व निर्धारित समय पर आयोजित की जाएंगी।
राजनांदगांव की प्रसिद्ध झांकी स्थगित
लगातार बारिश के चलते राजनांदगांव की प्रसिद्ध झांकी भी स्थगित कर दी गई है। 25 सितंबर को निकलने वाली झांकी अब 26 सितंबर की शाम को निकाली जाएगी। शीतला मंदिर में आयोजन समिति की बैठक में खराब मौसम और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी की अपील
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियाओं को पार करने का जोखिम न लें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके बाद 26 और 27 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने की चेतावनी है।
स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर है और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है।
