महासमुंद। जिले में मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के बड़े सिंडिकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। महासमुंद पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में एक साथ करीब 10 ठिकानों पर सर्च रेड की कार्रवाई करते हुए मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा मजदूरों के पलायन से जुड़े रजिस्टर और डायरी, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मॉर्टगेज स्टांप और नोट गिनने की मशीन समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
पुलिस का दावा है कि बरामद दस्तावेजों में हजारों मजदूरों के अवैध परिवहन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। आरोपियों पर मजदूरों को एडवांस रकम देकर ऋण-जाल में फंसाने और उनसे बंधुआ मजदूरी कराने, साथ ही बाल मजदूरी से जुड़े गंभीर आरोप हैं।
पुलिस के अनुसार, एक नाबालिग बालिका के शोषण के मामले की जांच के दौरान मानव तस्करी के इस नेटवर्क का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की।
मामले में मुकेश चंद्राकर, नसीम बानो उर्फ लता सबर, मनीष गुप्ता, नंदकुमार मोहंती और पियुष अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 143(2), 143(3), 143(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान मामले में BNS की धारा 111 भी जोड़ी गई है।
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। जांच में सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और मजदूरों के कथित अवैध परिवहन के नेटवर्क का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
