तूता में सांकेतिक धरना, CBD रेलवे स्टेशन के सामने पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका; शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सवन्नी को तत्काल हटाने और उनके कार्यकाल की जांच कराने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने सोमवार को एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया।
तूता स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन के बाद मंच के पदाधिकारी, मंडी बोर्ड के कर्मचारी और समर्थक मंडी बोर्ड कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने CBD रेलवे स्टेशन के सामने बैरिकेडिंग की थी।
बैरिकेड के पास पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आगे बढ़ने को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पुलिस ने बैरिकेड के आगे प्रदर्शनकारियों को जाने से रोक दिया। इस दौरान कुछ समय तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
16 साल से रायपुर में पदस्थ रहने का आरोप
स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरनलाल साहू के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में मंडी बोर्ड के पदाधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए। मंच की ओर से शासन को सौंपे गए ज्ञापन में मंडी बोर्ड के MD महेंद्र सिंह सवन्नी की सेवा और संविदा नियुक्ति को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।
ज्ञापन के मुताबिक, महेंद्र सिंह सवन्नी ने वर्ष 1985-86 में सरकारी सेवा प्रारंभ की और जून 2024 में सेवानिवृत्त हुए। मंच का दावा है कि सेवानिवृत्ति के बाद जून 2024 से उन्हें संविदा पर लगातार नियुक्ति दी जा रही है और करीब 4-6 माह के अंतराल में उनकी संविदा का लगभग पांच बार विस्तार किया गया है। मंच ने वर्तमान संविदा नियुक्ति तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
मंच ने यह भी आरोप लगाया है कि सवन्नी पिछले करीब 16 वर्षों से रायपुर मुख्यालय में ही पदस्थ रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि इस अवधि में चार कृषि मंत्री और 12 मंडी बोर्ड के MD बदले, लेकिन उनकी पदस्थापना रायपुर मुख्यालय में बनी रही। मंच ने इसे सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के स्थानांतरण संबंधी नियमों के विपरीत बताते हुए जांच की मांग की है।
पदोन्नतियों की जांच की मांग
ज्ञापन में वर्ष 2005-07 के दौरान हुई पदोन्नतियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। मंच ने दावा किया है कि वर्ष 2005 में डीपीसी के दौरान उन्हें सचिव वरिष्ठ पद पर 28वें नंबर पर रखा गया था, जिसके बाद अपील के जरिए पदक्रम में बदलाव हुआ। इसके अलावा 2005-07 के दौरान सहायक संचालक, उप संचालक, ज्वाइंट डायरेक्टर और अपर संचालक जैसे पदों पर हुई पदोन्नतियों की प्रक्रिया की भी जांच की मांग की गई है।
मंच ने आरोप लगाया है कि पद का दुरुपयोग कर पद सृजन और पदोन्नति से जुड़े फैसले किए गए। हालांकि ये सभी आरोप संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में लगाए गए हैं।
कर्मचारियों की शिकायतों का भी मुद्दा उठाया
प्रदर्शन के दौरान मंडी बोर्ड कर्मचारियों की शिकायतों को भी प्रमुखता से उठाया गया। मंच के अनुसार, मंडी बोर्ड कर्मचारी महासंघ के सचिव मालिक राम पोर्ते और कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें की हैं। इनमें तानाशाही रवैया, सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज, ट्रांसफर की धमकी और मानसिक प्रताड़ना जैसे आरोप शामिल हैं। मंच ने इन शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
धरना और मंडी बोर्ड घेराव कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरनलाल साहू, मंडी बोर्ड के अपर संचालक कमलेश इक्का और मंडी बोर्ड कर्मचारी महासंघ के सचिव मालिक राम पोर्ते सहित मंडी बोर्ड के पदाधिकारी-कर्मचारी तथा छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच से जुड़े सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि महेंद्र सिंह सवन्नी की वर्तमान संविदा नियुक्ति तत्काल समाप्त की जाए, वर्ष 2005-07 की पदोन्नतियों की जांच कराई जाए और उनके लंबे समय से रायपुर में पदस्थ रहने तथा संविदा नियुक्ति के बार-बार विस्तार की भी जांच हो।
15 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
स्वाभिमान मंच ने शासन को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मंच ने कहा कि इसके लिए शासन और प्रशासन जिम्मेदार होगा।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिए पर्याप्त बल तैनात किया था और मंडी बोर्ड कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई थी। CBD रेलवे स्टेशन के सामने पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया।
