चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को बताया वैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ भ्रामक प्रचार; राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर भी साधा निशाना
रायपुर, 30 अक्टूबर 2026। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि देश में अराजकता उत्पन्न करना है। शुक्रवार को भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत रायपुर पहुंचे त्रिवेदी ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
डॉ. त्रिवेदी ने चुनाव आयोग पर कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कहा कि मतदाता सूची पर आपत्ति दर्ज कराने की वैधानिक प्रक्रिया कई स्तरों पर उपलब्ध रहती है। पहले जिला स्तर पर, फिर राज्य और उसके बाद केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस ने इन स्तरों पर आपत्तियां दर्ज नहीं कराईं, तो इसके लिए उसके बूथ लेवल एजेंटों, जिला अध्यक्षों और प्रदेश इकाई से जवाब मांगा जाना चाहिए।
उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता को लेकर भी कांग्रेस से सवाल किया। त्रिवेदी ने कहा कि हाल में हुए उपचुनावों के परिणाम आए अभी 10-15 दिन ही हुए हैं और 45 दिन की निर्धारित अवधि बाकी है। ऐसे में कांग्रेस को बताना चाहिए कि क्या वह संबंधित फुटेज के लिए औपचारिक मांग करेगी या केवल आरोप लगाती रहेगी।
संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दुष्प्रचार का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पिछले कई वर्षों से राफेल, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट, ऑपरेशन सिंदूर और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ भ्रम फैलाती रही है। उन्होंने एलआईसी, भारतीय स्टेट बैंक और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इन संस्थानों को लेकर कांग्रेस के आरोप गलत साबित हुए हैं। कोरोना काल में वैक्सीन को लेकर कांग्रेस के बयानों पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
राहुल गांधी के प्रस्तावित आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि दिल्ली का जिस क्षेत्र में आंदोलन की बात की जा रही है, वह उत्तर भारत का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। उनके मुताबिक, नवरात्रि से छठ पूजा तक त्योहारों के मौसम में बड़े पैमाने पर कारोबार होता है, ऐसे में आंदोलन के कारण आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की मंशा पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस के राजनीतिक मॉडल पर भी निशाना
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर सत्ता में रहते हुए आंतरिक गुटबाजी और राजनीतिक संघर्षों का आरोप लगाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव, राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट तथा कर्नाटक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच राजनीतिक मतभेदों का उल्लेख किया। इसके विपरीत उन्होंने भाजपा शासित राज्यों के विकास कार्यों और नीतियों को पार्टी का मॉडल बताया।
उन्होंने कांग्रेस पर भारतीय धर्म-संस्कृति और परंपराओं को लेकर दोहरे रवैये का आरोप भी लगाया। साथ ही चुनावी नतीजों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग राज्यों में चुनाव परिणामों के आधार पर आयोग पर आरोप लगाना उचित नहीं है।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार भी विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के आरोपों और विरोध प्रदर्शनों से देश की प्रगति प्रभावित नहीं होगी।
पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, वरिष्ठ भाजपा नेता शिवरतन शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन, सांसद एवं मुख्य प्रदेश प्रवक्ता संतोष पांडेय तथा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
