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छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हाथियों का आतंक, दहशत में ग्रामीण

छत्तीसगढ़ में कोरबा वन मंडल के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाथियों के कुचलने से एक के बाद

छत्तीसगढ़ में कोरबा वन मंडल के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाथियों के कुचलने से एक के बाद

रिपोर्ट / कोरबा से बीता चक्रवती / सरगुजा से मनीष सोनी —
कोरबा – सरगुजा /
छत्तीसगढ़ में कोरबा वन मंडल के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाथियों के कुचलने से एक के बाद एक ग्रामीणों की जान जा रही है. पिछले चार दिनों के भीतर हाथियों ने तीन लोगों को कुचल कर मार डाला. क्षेत्र में हाथियों के आतंक को लेकर ग्रामीण दहशत में हैं. वन अमला हाथियों को खदेडऩे में सफल नहीं हो रहा है. तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल जा रहे ग्रामीण गजराजों का शिकार बन रहे हैं. कुदमुरा वन परिक्षेत्र के ग्राम चिर्रा निवासी बलदेव राठिया नामक ग्रामीण पास के जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गया हुआ था, जिस पर एक दंतैल ने हमला कर दिया. हाथी ने बलदेव राठिया को कुचलकर मार दिया. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग व करतला पुलिस को दी. वन विभाग के अधिकारी व करतला पुलिस मौके पर पहुंचे और विवेचना शुरू की. चार दिन पूर्व हाथियों ने कुदमुरा रेंज के कलमी टिकरा में फगनी बाई नामक महिला को पटक-पटक कर मार डाला था. इस घटना को एक दिन बीते थे कि 15 मई को श्यांग के जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्राम गुरमा निवासी 45 वर्षीय रामसाय मंझवार को हाथियों ने कुचल दिया. सोमवार को क्षेत्र में तीसरी घटना को अंजाम देते हुए हाथियों ने ग्रामीण बलदेव राठिया को जान से मार दिया. हाथियों के लगातार हमले को लेकर ग्रामीण सहमे हुए हैं. कुदमुरा रेंज के गांवों में लोग अब जंगल की ओर जाने में कतराने लगे हैं. वन्य परिक्षेत्रों में इन दिनों तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य चल रहा है. लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब लोग तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल जाने में भी डरने लगे हैं, जिसके कारण तेंदूपत्ता संग्रहण में इसका बुरा असर देखने को मिला है. कुदमुरा वन परिक्षेत्र से हाथियों को खदेड़ने में वन अमला सफल नहीं हो पा रहा है. यहां तक कि वन विभाग हाथियों की लोकेशन ट्रैक तक नहीं कर पा रहे है.
IMG-20160516-WA0174सरगुजा / सरगुजा संभाग में भी हाथियों का आतंक अब चरम पर है। आए दिन हाथी जहां घरों को तोड़-फोड़ रहे हैं वहीं उनकी जान भी ले रहे हैं। रविवार की रात सूरजपुर जिले के प्रेम नगर नगर पंचायत स्थित वार्ड क्रमांक 13 रघुनाथपुर में 3 हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी सुबह करीब 5 बजे सोमार साय की दीवार तोड़ते हुए आंगन में घुसे। इस दौरान सोमार साय अपनी पत्नी मंगली बाई 57 वर्ष के साथ खाट पर सो रहा था। हाथियों के घुसते ही घर में बंधे मुर्गे फडफ़ड़ाते हुए आवाज करने लगे। आवाज सुनकर पति-पत्नी की नींद खुल गई। खाट से उठकर दोनों घर में जाने लगे। अंधेरा होने से आंगन में खड़े हाथी उन्हें दिखाई नहीं दिए। इस दौरान पति घर के भीतर चला गया और पत्नी हाथियों की चपेट में आ गई। घर के भीतर से जब सोमार साय लौटा तो देखा कि पत्नी को तीन हाथियों ने घेर रखा है। वह चिल्लाने लगा, इसी दौरान एक हाथी ने सूंड से उठाकर उसकी पत्नी को पटक दिया और फिर कुचल दिया। इससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीण अपनी जान बचाने दीवार कूद कर भाग गया। सुबह वन विभाग को सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने मुआवजा प्रकरण तैयार किया। फिलहाल हाथियों का दल महेशपुर पहाड़ से लगे जंगल में डटा हुआ ऐसा बताया जा रहा है।
सरगुजा में हाथियों की दहशत –
सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया सहित जशपुर में हाथियों ने उत्पात मचा रखा है। आए दिन ये लोगों की जान ले रहे हैं। घरों को तोडऩे के अलावा ये फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे है। 4 दिन पूर्व ही हाथियों ने सूरजपुर जिले के सोनगरा व लटोरी जंगल में दो महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया था। वहीं मैनपाट के तराई इलाके में एक ग्रामीण की पटककर जान ले ली थी। मैनपाट में तो हाथी कहर बनकर टूट पड़े थे। 20 दिन पूर्व यहां हाथियों ने 34 घर तोड़ डाले तथा 2 ग्रामीणों की जान ली। इसी बीच हाथियों ने प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में महुआ बिनने गए 2 किशोरी सहित 4 ग्रामीणों को मार डाला था।

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