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बैकुंठपुर में अध्यक्ष पद की दौड़ तेज, भाजपा-कांग्रेस में कई चेहरे दावेदारी में

बैकुंठपुर नगर पालिका चुनाव: टिकट से पहले ही सियासी रण सजने लगा, भाजपा-कांग्रेस में कई दावेदार सक्रिय, जनता के बीच बढ़ी हलचल

कोरिया, बैकुंठपुर। नगर पालिका चुनाव को लेकर बैकुंठपुर की सियासत इन दिनों पूरी तरह गर्म हो चुकी है। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और राजनीतिक दलों द्वारा अधिकृत प्रत्याशियों के नामों का ऐलान अभी बाकी है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर के वार्डों, सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और जनसंपर्क अभियानों में इन दिनों कई चेहरे लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। संभावित प्रत्याशी लोगों के सुख-दुख में शामिल होकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं मतदाताओं का रुझान जानने और संगठन में अपनी दावेदारी मजबूत करने का प्रयास भी कर रहे हैं।

बैकुंठपुर नगर पालिका की राजनीति पर नजर डालें तो यहां अध्यक्ष पद पर समय-समय पर अलग-अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिले हैं। नगर पालिका के पिछले तीन कार्यकाल में निर्दलीय समर्थित प्रत्याशी के रूप में शैलेश शिवहरे ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद कांग्रेस के अशोक जायसवाल ने नगर पालिका की कमान संभाली और वर्तमान में भाजपा की श्रीमती नविता शिवहरे अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। ऐसे में इस बार का चुनाव भी कई मायनों में दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि पूर्व और वर्तमान दोनों राजनीतिक धड़े एक बार फिर अपनी-अपनी ताकत आजमाने की तैयारी में हैं।

भाजपा की बात करें तो अध्यक्ष पद के लिए कई नाम चर्चा में बने हुए हैं। पूर्व अध्यक्ष शैलेश शिवहरे का राजनीतिक अनुभव और संगठन में पकड़ उन्हें मजबूत दावेदारों की सूची में रखता है। वहीं वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती नविता शिवहरे भी अपने कार्यकाल और संगठनात्मक सक्रियता के आधार पर पुनः दावेदारी पेश कर सकती हैं। इसके अलावा भानु पाल और सुभाष साहू भी संभावित उम्मीदवारों के रूप में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और समर्थकों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

दूसरी ओर कांग्रेस में भी अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की लंबी फेहरिस्त दिखाई दे रही है। पूर्व अध्यक्ष अशोक जायसवाल एक बार फिर प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सक्रियता लगातार बढ़ी है। वहीं युवा चेहरों में आशीष यादव (लल्ला) और आशीष ढबरे भी चुनावी तैयारी में जुटे हुए हैं। दोनों नेता लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

शहर के राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार टिकट वितरण दोनों प्रमुख दलों के लिए आसान नहीं रहने वाला। भाजपा और कांग्रेस, दोनों में एक से अधिक दावेदार मैदान में होने के कारण पार्टी नेतृत्व को स्थानीय समीकरण, संगठनात्मक पकड़, जनाधार और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना होगा। यही वजह है कि टिकट घोषित होने से पहले ही संभावित उम्मीदवार अपने-अपने समर्थकों के साथ सक्रिय हो गए हैं और जनता के बीच लगातार मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

इधर, मतदाता भी संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में विकास कार्य, सड़क, पेयजल, सफाई व्यवस्था, नाली निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाएं चुनावी चर्चा का प्रमुख मुद्दा बनती दिख रही हैं। लोग अपने क्षेत्र के लिए बेहतर नेतृत्व की अपेक्षा कर रहे हैं और इसी आधार पर संभावित प्रत्याशियों का आंकलन भी शुरू हो गया है।

कुल मिलाकर, भले ही चुनावी तारीखों का औपचारिक ऐलान और पार्टी प्रत्याशियों की अधिकृत सूची आना बाकी हो, लेकिन बैकुंठपुर में चुनावी बिगुल लगभग बज चुका है। सियासी गलियारों में टिकट को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है, संभावित उम्मीदवार जनता के बीच सक्रिय हैं और आने वाले दिनों में नगर पालिका चुनाव की तस्वीर और भी दिलचस्प होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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