कोरिया / छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में गुरुवार से 108 संजीवनी और महतारी एक्सप्रेस की आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं. अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर दो सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है. हर दिन इनके द्वारा घटना-दुर्घटनाओं से लेकर डिलिवरी जैसी गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने का काम किया जाता है. दोनों सेवाओं में 108 संजीवनी और महतारी के लगभग 70 कर्मचारी हड़ताल पर हैं. वहीं 108 संजीवनी और 102 महतारी के 17 वाहनों के पहिए भी थम गए हैं. कर्मचारी मांगें पूरी नहीं होने तक आन्दोलन की बात कह रहे हैं.
पूरे प्रदेश में पड़ेगा इसका असर – इस दौरान प्रदेश में 108 व 102 की पूरी सेवाएं आज से ठप्प रहेंगी. लोगों को आपातकालीन स्थिती में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि निकाले गए कर्मचारियों का कहना है कि हमने राज्य कार्यालय में इस संबंध में आवेदन देकर सीईओ, जीवीके व ईएमआरआई को सूचित किया है.
इनका आरोप है – संजीवनी एक्सप्रेस से जुड़े 199 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। जिसके विरोध में 102 महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारी भी उतर आए हैं। संजीवनी एवं महतारी वाहन में काम करने वाले वाहन चालक व ईएमटी आज 02 जून से हड़ताल पर हैं. आंदोलनकारियों का कहना है की जीवीके कंपनी द्वारा कर्मचारियों को बिना नोटिस दिए बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है.
थाने में खड़ी कराई गई वाहन – 108 संजीवनी और महतारी एक्सप्रेस की वाहनों को देर शाम जिला मुख्यालय के पुलिस लाईन में खड़ा कराया गया। बताया जा रहा है की चुकी यह सभी सरकारी वाहने थे और इसका उपयोग आंदोलनकारी अपने आंदोलन में नहीं कर सकते थे जिसके वजह से इन वाहनों के संचालक ने थाने में इन सभी आंदोलनकारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराइ थी और पुलिस ने आंदोलनकारियों से मान मन्वल कर वाहनों को ठाणे में खड़ा करवाने में कामयाब रही।
