कोंडागांव / छत्तीसगढ़ के कोंडागांव के तत्कालीन कलेक्टर वीके धुर्वे के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
मनरेगा में एक करोड़ 21 लाख 30 हजार की हेराफेरी करने के मामले में वीके धुर्वे के खिलाफ ये वारंट जारी किया है। इसके साथ ही अमित शील के खिलाफ भी वारंट जारी किया गया है.इस मामले में पूर्व में जिला पंचायत सीइओ बीपी रात्रे सहित दो अधिकारी गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। मंगलवार को सीजेएम दीपक गुप्ता की अदालत ने गैरजमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर अगली पेशी पर 22 अगस्त को हाजिर करना है। 2013 में मनरेगा के तहत 37 जगहों पर नर्सरी तैयार करने, डबरी और साइन बोर्ड बनाने का काम सजल सेवा संस्थान को दिया गया था। जिसमें सजल सेवा ने एक करोड़ 21 लाख 30 हजार रूपए की गड़बड़ी की थी। इस मामले में सजल सेवा के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
कार्य में लापरवाही व गबन का मामला सामने आने पर इसकी जांच तत्कालीन कलेक्टर धनंजय देवांगन ने करवाई थी। इस काम से जुड़े सभी को प्रथम दृष्टया दोषी पाकर एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। इसमें अब तक दो लोगों को जेल भेजा गया था जिनकी जमानत हो चुकी है।
