00 वन अधिकार मान्यता पत्रों के लम्बित मामलों का जल्द होगा निराकरण
00 लौह अयस्क प्रभावित आठ गांवों के लिए सामूहिक जल प्रदाय योजना
00 निरस्त वन अधिकार मान्यता पत्रों के मामलों की होगी दोबारा समीक्षा
oo सरगुजा में कोयला परिवहन से प्रभावित सड़कों की मरम्मत के लिए एस.ई.सी.एल. और एक निजी कम्पनी को निर्देश
रायपुर / मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण और सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की र्बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने बस्तर प्राधिकरण की बैठक में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को अबूझमाड़ (जिला नारायणपुर) के 351 गांवों को सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत करने के लिए जल्द से जल्द काम शुरू करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इस वर्ष 11 हजार किसानों को सिंचाई सुविधा के लिए सौर ऊर्जा आधारित पम्प देने की योजना है। बस्तर और सरगुजा प्राधिकरणों के गांवों के किसानों को भी इसका लाभ दिलाया जाए।
डॉ. सिंह ने विद्युत विहीन मजरो-टोलों के सौर विद्युतीकरण पर भी विशेष रूप से बल दिया। उन्होेने कहा कि किसानों के असाध्य सिंचाई पम्पों के विद्युतीकरण से संबंधित मामलों का भी जल्द निराकरण किया जाए। सरगुजा प्राधिकरण के जिलों में पिछले वित्तीय वर्ष 2015-16 में 325 किसानों को इसकी मंजूरी मिली थी। उनमें से 324 के असाध्य पम्पों को बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से यह भी कहा कि दोनों प्राधिकरणों के जिलों में आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम, शालाओं और छात्रावासों का लगातार निरीक्षण करने और उनमें रहने वाले बच्चों के लिए पेयजल तथा शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखने की जरूरत है। डॉ. सिंह ने कहा कि सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि उनके जिलों में शत-प्रतिशत आश्रम-स्कूलों और छात्रावासों का लगातार नियमित निरीक्षण होता रहे। कलेक्टर स्वयं निरीक्षण करें और जिले में कार्यरत सहायक आयुक्तों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी इसके लिए निर्देशित करें।
डॉ. सिंह ने जिला कलेक्टरों से कहा कि वे प्राधिकरण क्षेत्र के जिलों में ग्रामीणों के वन अधिकार मान्यता पत्रों से संबंधित मामलों का जल्द से जल्द निराकरण करते हुए नियमानुसार पट्टा वितरण की कार्रवाई जल्द पूर्ण करें। उन्होंने कलेक्टरों को वन अधिकार मान्यता पत्रों के ऐसे लम्बित मामलों का निपटारा करने के लिए सरपंचों और ग्राम पंचायत सचिवों के साथ राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक भी जल्द बुलाने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जिन प्रकरणों में कुछ वन अधिकार पटटे निरस्त हुए हैं, उनकी दोबारा समीक्षा की जाए और ग्रामसभा में पुनर्विचार के लिए प्रस्ताव रखा जाए। यह कार्य अगले छह माह में पूर्ण कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सुराज अभियान के दौरान अबूझमाड़ क्षेत्र में 50 देवगुड़ियों का निर्माण करवाने का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के अनुरूप अधिकारी जल्द कार्रवाई शुरू करें। देवगुड़ी आदिवासियों की आस्था के प्रमुख केन्द्र होते हैं। डॉ. रमन सिंह ने बस्तर प्राधिकरण की बैठक में दंतेवाड़ा जिले में बैलाडीला लौह अयस्क परियोजना क्षेत्र के आठ गांवों में जल प्रदूषण के बचाव के लिए नेरली सामूहिक जल प्रदाय योजना का काम भी तत्काल शुरू करने पर जोर देते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव को इस बारे में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि नेरली सामूहिक जल प्रदाय योजना के लिए राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एन.एम.डी.सी.) द्वारा पांच करोड़ 92 लाख रूपए दिए जा चुके हैं। इस योजना से नेरली सहित आठ गांव लाभान्वित होंगे, जिनमें बेहनार, पिनाबचेली, बेनपाल, मदाड़ी, चोलनार, कलेपाल और सामलवार शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में सरगुजा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से प्राप्त जानकारी को गंभीरता से लिया और अधिकारियों से कहा कि उस क्षेत्र में कोयला परिवहन के कारण सड़कों की हालत खराब होने पर उनकी मरम्मत के लिए केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम दक्षिण पूर्व कोयल प्रक्षेत्र लिमिटेड (एस.ई.सी.एल.) और निजी क्षेत्र की एक कम्पनी को तत्काल निर्देशित किया जाए, जिनके द्वारा कोयला ढुलाई का कार्य किया जा रहा है। उन्हें इन सड़कों के उन्नयन के लिए भी निर्देशित किया जाए।
बैठक में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए संचालित शहीद वीर नारायण सिंह स्वावलम्बन योजना की समीक्षा की गयी। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत बस्तर प्राधिकरण के सात जिलो में हितग्राहियों का चयन किया जा रहा है। डॉ. सिंह दोनों प्राधिकरणो के जिलो ं में यह कार्य एक माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौशल उन्नयन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी जानकारी ली। उन्होंने बस्तर प्राधिकरण के 416 ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण जल्द पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि इनमें से 315 का निर्माण शुरू हो गया है। बैठक में गृह, जेल और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री रामसेवक पैकरा, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री केदार कश्यप, पंचायत और ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री अजय चन्द्राकर, वन और विधि और विधायी कार्य मंत्री महेश गागड़ा, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती रमशिला साहू, श्रम और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भईयालाल राजवाड़े, संसदीय सचिव श्रीमती चम्पादेवी पावले, लोकसभा सांसद सर्वश्री चन्दूलाल साहू और अभिषेक सिंह, बस्तर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक भोजराज नाग सहित दोनों प्राधिकरण क्षेत्रों के अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
उनके अलावा अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त अजय सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एम.के.राउत, आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एन. के. असवाल, वन विभाग के प्रमुख सचिव आर.पी. मंडल, उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. बी.एल. अग्रवाल, वाणिज्य और उद्योग विभाग के सचिव सुबोध कुमार सिंह और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
