00 तहसीलदार ने परिजनों का दर्ज किया बयान
00 पुलिस ने कहा पीएम रिपोर्ट से होगा खुलासा
कोरिया / जिला मुख्यालय के छिंदडांड़ स्थित एक निजी नर्सिंग होम में 4 दिन पूर्व मेजर ऑपरेशन से गर्भवती महिला की डिलीवरी हुई थी। शुक्रवार की शाम अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। इस मामले में परिजनों ने हंगामा करते हुए डॉक्टर पर प्रसूता की मौत के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर करने का आरोप लगाया है। शिकायत पर तहसीलदार ने मृतिका के परिजनों का बयान दर्ज किया। उन्होंने शव को पीएम रिपोर्ट के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। अब पीएम रिपोर्ट से ही खुलासा हो पाएगा कि प्रसूता की मौत किस समय हुई और डॉक्टर ने कब रेफर किया था।
क्या था मामला – बैकुंठपुर से लगे ग्राम छिंदडांड़ निवासी मीरा पति प्रमोद 30 वर्ष को 5 सितंबर को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों द्वारा उसे स्थानीय शिवानी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। यहां मेजर ऑपरेशन के बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इधर महिला का इलाज अस्पताल में चल ही रहा था कि 9 सितंबर की शाम 6 बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन उसका शव घर ले आए। परिजनों का कहना है कि प्रसूता लगातार अस्पताल स्टाफ और डॉक्टर को अपनी समस्या से अवगत करा रही थी पर उसके कहने की किसी ने नही सुनी और जब सुनी गई तो बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टर ने प्रसूता को उस वक्त रेफर किया जब उसकी मौत हो चुकी थी। काफी हंगामे के बीच मामले की शिकायत प्रशासन तक पहुंची। शिकायत पर तहसीलदार रुपेश सिंह ने पीडि़त पक्ष का उसके घर पर बयान दर्ज किया। पुलिस ने शव को बरामद कर उसे जिला अस्पताल भिजवाया है। मामले की जांच के लिए पुलिस पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि महिला की मौत कितने बजे हुई और डॉक्टर ने उसे रेफर कब किया था।
पूर्व में भी आ चुका है मामला – स्थानीय लोगो द्वारा बताया जा रहा है कि शिवानी नर्सिंग होम के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि पूर्व में भी इस प्रकार के 2-3 मामले उठ चुके हैं। वहीं लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जानकारी नहीं होने के कारण ऐसे मामले की शिकायत भी नहीं कर पाते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की मनमानी चलती रहती है।
